
Chori in nagaur
नागौर. जिले में चोर बेखौफ हैं, आए दिन मकानों, दुकानों व मंदिरों के ताले तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। यहां तक कि पुलिस क्वार्टर तक चोरों के निशाने पर हैं। जिले में लगातार बढ़ती चोरी की वारदातों से पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े होते हैं। हालात इतने खराब हैं कि चोर अब पुलिसकर्मियों के घरों को भी निशाना बनाने लगे हैं। कई बड़ी वारदातों का पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। आमजन कहने लगे हैं जब पुलिस अपने ही क्वार्टरों की सुरक्षा नहीं कर पाती, तो आमजन किसके भरोसे रहें। बीते दिनों में हुई चोरी की बड़ी वारदातें यह संकेत देती हैं कि चोर गिरोहों पर पुलिस की पकड़ कमजोर पड़ गई है। जिले में दहशत के कारम लोगों की नींद उड़ी हुई है।
जिले में चोरी की प्रमुख वारदातें
- 16-17 फरवरी 2026 की रात मूण्डवा का भगवान वैंकटेशमंदिर: चोर करीब 20 किलो चांदी के बर्तन व सामग्री चुरा ले गए। अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए। दो संदिग्ध सीसीटीवी में कैद, लेकिन अब तक खुलासा नहीं।
- 16-17 फरवरी 2026 की रात नागौर पुलिस लाइन: चोरों ने पांच-छह सरकारी क्वार्टरों के ताले तोड़े, हालांकि मामला एक महिला कांस्टेबल शारदा ने ही दर्ज कराया। पुलिस जल्द खुलासा करने का दावा कर रही है, लेकिन चोर अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
- 12 फरवरी 2026 डेगाना, चांदारुण श्याम बाबा मंदिर: ग्यारस से पहले ढाई किलो से अधिक चांदी के मुकुट, छत्र व अन्य सामान चोरी। सीसीटीवी फुटेज के बावजूद आरोपी गिरफ्त से बाहर।
- 23 जुलाई 2025 जिंदास गांव : चोरों ने तीन घरों में सेंध लगाकर करीब 75 लाख के जेवर व नकदी चोरी की। ग्रामीणों ने एसपी, कलक्टर व सांसद को ज्ञापन सौंपे, इसके बावजूद मामला अनसुलझा।
- 12 सितम्बर 2024 रावों की ढाणी, मूण्डवा क्षेत्र: भंवरलाल जाट के मकान से करीब 40 लाख के गहने चोरी। चोरी खोलने का दबाव बढ़ा तो तत्कालीन एसपी नारायण टोगस ने मौका देखा, लेकिन आज तक खुलासा नहीं हो पाया।
- 24 नवम्बर 2025 नागौर पुलिस लाइन: महिला कांस्टेबल मुन्नी के क्वार्टर से सोने के गहने चोरी। लंबा समय बीतने के बाद भी खुलासा नहीं हो पाया।
चोर गिरोहों के हौसले बुलंद
लगातार होती चोरी की वारदातों से साफ है कि चोर गिरोहों के हौसले बुलंद हैं। मंदिरों को निशाना बनाना धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसा है, वहीं पुलिस लाइन में चोरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल है। हर घटना के बाद पुलिस ‘जल्दखुलासे’ का दावा करती है, लेकिन नतीजे जमीन पर नजर नहीं आते। जानकारों का मानना है कि जिले में रात्रि गश्त बढ़ाने, तकनीकी निगरानी मजबूत करने और संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगें।
क्या अभय कमांड के कैमरे अंधे हो गए
नागौर शहर में करीब दस साल पहले लाखों रुपए खर्च कर अभय कमांड योजना के तहत 200 से अधिक कैमरे लगाए गए, ताकि चोरी व अन्य अपराधिक घटना का खुलासा करने में मदद मिल सके। सूत्रों के अनुसार अभय कमांड योजना के कई कैमरे बंद हो चुके हैं, जिन्हें ठीक नहीं करवाया जा रहा है।
खुलासा करने के प्रयास जारी है
चोरियां खोलने के प्रयास जारी हैं। मूण्डवा के मंदिर व पुलिस लाइन में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा करने के लिए टीमें लगी हुई है। इसके साथ ही पुलिस लाइन में इस प्रकार की घटनाएं दुबारा नहीं हो, इसके लिए 30 सीसी टीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
- मृदुल कच्छावा, एसपी, नागौर
Published on:
23 Feb 2026 11:17 am
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