
Former minister Harish Chaudhary
नागौर. राज्य की कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री और बायतू विधायक हरीश चौधरी ने मंगलवार को नागौर की धरती से सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ओबीसी का हक लेकर रहेंगे।
चौधरी ओबीसी आरक्षण के नियमों में किए गए बदलाव के विरोध में आरक्षित वर्ग की ओर से मंगलवार को शहर के पशु प्रदर्शनी स्थल पर आयोजित आक्रोश रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी वर्ग के लोगों के साथ अन्याय होता है और उस वर्ग के सरकार में प्रतिनिधित्व करने वाले नेता मौन रहते हैं तो आने वाली पीढियां उन्हें माफ नहीं करती। साजिशवश आज ओबीसी का आरक्षण खत्म किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चौधरी ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि पहले प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम देरी से जारी होते थे। जैसे-जैसे हमारा आंदोलन तेज हो रहा है, परीक्षाओं के परिणाम तेजी से निकल रहे हैं, लेकिन मेरी चेतावनी है, आप जिनका नुकसान कर रहे हैं, वो हक लेकर रहेंगे।
उन्होंने जातीय जनगणना को आवश्यक बताते हुए कहा कि जातीय जनगणना होने से किसी को नुकसान नहीं होगा। यह पता होना चाहिए कि देश और राज्य में कौनसी जाति कितनी है। वर्तमान में ओबीसी की संख्या कितनी है, किसी को पता नहीं है। ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना था, जिसे 21 प्रतिशत पर ले आए और अब उसे खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि ये व्यवस्थाएं हमें कहां धकेलना चाहती है?
यह सरकार गूंगी, सचिवालय में बैठे अफसर करते हैं मनमर्जी
जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील ने कहा कि यह सरकार बहरी है, जहां कोई नहीं सुनता। मैं बीस साल से संघर्ष कर रहा हूं, इस दौरान मैंने काफी पत्र लिखे हैं। सचिवालय में बैठे अफसर मनमर्जी करते हैं। मील ने राज्य सरकार की ओर से 17 अप्रेल 2018 को जारी किए गए परिपत्र को वापस लेने की मांग की।
हक के लिए लड़ना सीखो
आईबी के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक के.राम बागडिय़ा ने कहा कि हमारे देश में दो ही वर्ग है - एक काबिज वर्ग और दूसरा वंचित वर्ग। राजनीति हो या न्यायालय, उद्योग धंधे हो या फिर सरकार, सब जगह काबिज वर्ग का ही राज है। लेकिन युवा शक्ति में बहुत ताकत है, इसके लिए सबको एक होना पड़ेगा। प्रजातंत्र में हाका करना पड़ेगा, राज झुकता है, लेकिन ताकत दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि देश धर्म और जाति में बंट रहा है। मेघवाल समाज के नेता शिवदान मेघवाल ने कहा कि आरक्षण को समझना पड़ेगा। यह भी तय करना पड़ेगा कि अपनी लड़ाई किससे है। उन्होंने इस लड़ाई में सभी आरक्षित वर्गों को साथ लेने की बात कही। मेघवाल ने कहा कि ओबीसी को प्रमोशन में भी आरक्षण मिलना चाहिए।
...नहीं तो 2023 में सरकार हिला देंगे
रैली को पूर्व प्रधान रिद्धकरण लोमरोड़ ने कहा कि समय पर सही जानकारी नहीं मिलने से हम पिछड़ रहे हैं। रैली को सरपंच जगदीश बिडियासर, मदन चौधरी, मेहराम नंगवाडिया, भाकियू के जिलाध्यक्ष अर्जुन लोमरोड़, कांग्रेस नेता भैराराम धुंधवाल, अनोपचंद विश्नोई, मेहराम धौलिया, महावीर सांदू, ओमप्रकाश सेन, अल्लाह बख्श काबरा, घनश्याम शर्मा, पार्षद भजनसिंह, सिणधरी के ताराराम मेहना, रामकरण डूकिया, राजेन्द्र डूकिया, सहदेव कस्वा, पूर्व प्रधान राजेन्द्र फिड़ौदा, जालाराम, नंदकिशोर स्वामी, मेघवाल समाज के अध्यक्ष नारायण इंदलिया, राजेन्द्र कड़वासरा, रणवीर सिंह रावणा, छात्र नेता हरेंद्र चौधरी, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र को मजबूत बनाना है तो कृषि और किसान को मजबूत करना होगा। सरकार ने उनकी मांग सुनी तो ठीक नहीं तो 2023 में सरकार को हिला देंगे। आयोजन समिति के सदस्य बहादुर राम खिलेरी, एडवोकेट गोविंद कड़वा, राधेश्याम गोदारा, रामनिवास धेड़ू, नारायण बेनीवाल, पवन मांजू, विजय कुमार दहिया, केवल कुमार वर्मा ने रैली का सफल बनाने में सहयोग दिया। मंच संचालन डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने किया।
ये रखी मांगें
सभा के जनप्रतिनिधि एवं ओबीसी के लोग रैली के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे तथा मुख्यमंत्री के नाम एडीएम मोहनलाल खटनावलिया को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में ओबीसी वर्ग के पदों का 12.5 प्रतिशत ही पूर्व सैनिकों को देने तथा सैनिकों के लिए निर्धारित आरक्षण पूर्व की भांति वर्टिकल तरीके से देना सुनिश्चित करने, महिला आरक्षण की तरह ही पूर्व सैनिक, दिव्यांग व उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का कोटा भी प्रत्येक वर्ग में नियत करने, जब तक ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों का सार्थक हल न निकले, तब तक प्रक्रियाधीन भर्तियों के परिणाम, दस्तावेज सत्यापन व नियुक्तियां रोकने, त्रुटिपूर्ण नियमों की वजह से ओबीसी को हुए पदों के नुकसान की भरपाई के लिए नवीन पद सृजित करने, रोस्टर रजिस्टर को अद्यतन करने, ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने तथा ओबीसी कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग की गई।
Published on:
14 Sept 2022 10:46 am
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