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गैंगस्टर राजू फौजी की पेशी नागौर अदालत में पांच को

- खरनाल के पास फायरिंग के मामले में अदालत ने फौजी को पेश करने के दिए आदेशनागौर. दो कांस्टेबल की हत्या समेत करीब डेढ़ दर्जन आपराधिक मामले के आरोपी गैंगस्टर राजू फौजी समेत चार आरोपियों की पांच सितम्बर को नागौर की अदालत में सुनवाई है। अदालत ने पुलिस को राजू फौजी को पेश करने के आदेश दिए, शेष तीन अन्य आरोपी बराबर पेशी पर आ रहे हैं।

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राजू फौजी

दो कांस्टेबल की हत्या समेत करीब डेढ़ दर्जन आपराधिक मामले के आरोपी गैंगस्टर राजू फौजी समेत चार आरोपियों की पांच सितम्बर को नागौर की अदालत में सुनवाई है।

सूत्रों के अनुसार यह मामला करीब तेरह साल पहले 19 मई 2011 का है। खरनाल के पास मंदिर वाला होटल पर खाना खाने के बाद विवाद हुआ तो राजू ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ फायरिंग की थी। यह गोली वहां मोहन के बाएं हाथ पर लगी। इसमें राजू के साथ कमल, चरण सिंह और राधेश्याम थे। इनमें सिर्फ राजू ही पेशी पर नहीं आ रहा जबकि करीब डेढ़ साल से वो जेल में बंद है और अदालत प्रोडक्शन वारंट पर उसे पेश करने का आदेश दे रही है। यह मामला खरनाल निवासी ओमप्रकाश ने दर्ज कराया था।

बताया जाता है कि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश में इस मामले की सुनवाई चल रही है। फौजी के अलावा तीनों आरोपी सुनवाई में आ रहे हैं। मेड़ता, कोतवाली के अलावा फौजी सुरपालिया थाने का भी आरोपी है। दिसम्बर 21 में उसे लंबी मशक्कत के बाद पुलिस ने दबोच लिया था तब से वो जेल में है, लेकिन उसे पेश करने की पुलिस जहमत ही नहीं उठा रही।

आठ महीने काटी फरारी, नागौर जिले में भी मचाया हड़कम्प

असल में करीब सवा दो साल पहले 10 अप्रेल 2021 की रात मध्यप्रदेश से डोडा चूरा तस्करी कर ला रहे गैंगस्टर फौजी और उसके साथियों ने कोटड़ी थाने के सिपाही ओकार रायका और रायला थाने के सिपाही पवन चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद आरोपी मादक पदार्थ तस्करी कर ले गए। यह मामला रायला और कोटड़ी थाने में दर्ज हुआ। इसके बाद फरारी काटनी शुरू की। कभी फौजी के नेपाल तो कभी दिल्ली में होने की सूचना पर पुलिस कवायद करती रही। इस बीच 15 जून 2021 को नागौर में एक कार में फौजी और उसके दो साथियों की सूचना मिली, पूरे जिले में नाकाबंदी हुई तो कार छोड़कर भाग छूटे, कई महीनों तक उसको खोजने में पुलिस जुटी रही। बाद में दिसंबर 21 को फौजी को जोधपुर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। तब से वो जेल में है। नागौर अदालत के सामने गोलियों से मारे गए सुपारी किलर संदीप उर्फ शेट्टी का राजू फौजी से तगड़ा नाता था। वो ही राजू फौजी को हथियार सप्लाई करता था। राजू फौजी को पकड़वाने के लिए नागौर पुलिस ने भी दस हजार का इनाम घोषित किया था।

फौजी को दबोचने वाले तीन जाबांज अब भी खाली हाथ

सूत्रों का कहना है कि राजू फौजी को पकड़वाने वाले दस पुलिसकर्मियों का प्रस्ताव गैलेंट्री अवॉर्ड के लिए भेजा गया जिसमें एएसआई स्तर के सात जनों को मुख्यालय से गैलेंट्री प्रदान किया जा चुका है। जबकि फौजी को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाने वाले एसआई अशोक बिस्सु भी शामिल रहे। भीलवाड़ा के तत्कालीन भीमगंज थानाधिकारी सुरजीत ठोलिया, एसआई सुनील ताडा अब भी खाली हाथ हैं। मुख्यालय के बाद यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है। अशोक बिस्सु ने फौजी के अलावा सुनील डूडी और संदीप उर्फ शेट्टी गैंग का भी सफाया करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इस बाबत सरकार तक कई बार इसे जल्द से जल्द मंजूर करने की बात तक पहुंच गई है।अब पांच सितंबर को सुनवाई

एडवोकेट चैनाराम प्रजापत ने बताया कि गैंगस्टर राजू फौजी डेढ़ साल से अधिक समय से जेल में बंद है। खरनाल के पास फायरिंग के मामले में अब पांच सितंबर को उसकी सुनवाई है, अदालत ने पुलिस को उसे पेश करने के आदेश दिए हैं।