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डीडवाना. सीबीआई के आनंदपाल एनकाउंटर मामले की जांच करने से मना किए जाने पर रावणा राजपूत समाज ने सरकार पर धोखा करने का आरोप लगाया। समाज ने कहा है कि वर्ग विशेष को खुश करने के लिए सरकार ने सीबीआई जांच को टाला है। इसका खामियाजा सरकार को उपचुनावों में भुगतना पड़ेगा। समाज सरकार को बुलेट का जवाब बैलेट से देगा।
शुक्रवार को आनंदपाल सिंह के पैतृक गांव सांवराद पहुंचे रावणा राजपूत समाज के लोगों ने यह ऐलान किया। समाज के प्रदेशाध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला के नेतृत्व में समाज के लोग एकत्रित हुए और आनंदपाल की मां निर्मल कंवर से मुलाकात कर आन्दोलन की रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र तैयार किया।
सरकार ने दिखाया दोहरा चरित्र
अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने बताया कि आनन्दपाल सिंह एनकाउंटर प्रकरण फर्जी था। इसलिए राजपूत व रावणा राजपूत समाज ने आन्दोलन किया था। एनकाउंटर की सीबीआई से जांच मामले में केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार ने समाज के साथ दगा किया है। समाज व परिवार को जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। एनकाउंटर की सच्चाई सामने लाने के लिए समाज कोर्ट की शरण लेगा और कोर्ट से सीबीआई जांच की मांग करेगा। शुक्रवार को आनन्दपाल सिंह की मां निर्मल कंवर व भाई की पत्नी से समाज के वरिष्ठ लोगों की बातचीत हुई है। परिवार व समाज साथ-साथ है। परिवार के मत और राय से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।सोडाला ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस बच्चों के सत्यापन में भी अड़चनें डाल रही है, जो उचित नहीं है।
भंसाली की फिल्में नहीं करने देंगे शूट
सोडाला ने कहा कि रानी पद्मावती राजपूत समाज के इतिहास का हिस्सा है और हिन्दू समाज के लिए बेहद सम्माननीय है। उनके इतिहास से छेड़छाड़ को समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की कोई भी फिल्म राजस्थान में शूट नहीं करने देंगे। इसके लिए उग्र आन्दोलन भी करेंगे।
ये रखी मांगें
इस मौके पर राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र तैयार कर किया गया, जिसमें सांवराद प्रकरण में सरकार से हुए समझौते को तत्काल लागू करने, सीबीआई जांच की पुन: सिफारिश करने, आनंदपाल के परिजनों को उनके तमाम अधिकार वापस लौटाने, आनंदपाल के भाइयों और रिश्तेदारों को मुख्यधारा में वापस लौटने में सहयोग कर पूछताछ व कानूनी प्रक्रिया के नाम पर परेशान नहीं करने, सांवराद प्रकरण में समाज के लोगों पर दर्ज हुए मुकदमे को निरस्त करने की मांग की गई।
ये थे मौजूद
इस मौके पर गोपालसिंह जोधा, ओमसिंह राठौड़, मोहनसिंह हाथोज, महावीर सिंह छापरी, मोहनसिंह लाडनूं, अनिलसिंह बडग़ुजर, नाथूसिंह पोपाबास, ईश्वरसिंह चौहान, मूलसिंह गहलोत, पहाड़सिंह कुंडल, विक्रमसिंह कुमास, भाकरसिंह, श्यामसिंह अड़वड़, राहुल सिंह मीठड़ी, अभिजीत सिंह जेतमाल, सत्यनारायण सिंह सीकर, वकील महेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
Published on:
24 Nov 2017 10:03 pm
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