
सांसद हनुमान बेनीवाल
नागौर। दिल्ली की दो युवतियों से गैंगरेप मामले में रविवार को सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि नागौर में दिल्ली की युवतियों के साथ गैंगरेप प्रकरण में नागौर पुलिस द्वारा बरती गई कौताही को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और राज्य के मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से फोन पर वार्ता करके कौताही बरतने वाले पुलिस उप अधीक्षक एससी-एसटी सेल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर, देरी से एफआईआर दर्ज करने के आरोप नकारते हुए शनिवार को जांच अधिकारी कार्यवाहक नागौर वृत्ताधिकारी श्रवणदास संत ने कहा कि युवतियों ने रिपोर्ट ही देरी से दी, जिसके कारण एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई। इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से किसी प्रभार की लापरवाही नहीं बरती गई है।
मामला दर्ज होने में देरी का कारण युवतियों द्वारा रिपोर्ट नहीं देना
गौरतलब है कि महिला थाने में दर्ज दिल्ली की युवतियों के साथ गैंग रेप मामले को लेकर पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरतने के आरोप लगे, जिस पर शनिवार को डीएसपी संत ने पत्रकारों को बताया कि पीडि़त युवतियों के अनुसार उनके साथ बलात्कार की घटना 25 व 26 मई को हुई। जबकि मामला 30 मई को दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने में देरी का कारण युवतियों द्वारा रिपोर्ट नहीं देना रहा।
संत ने बताया कि 27 मई की शाम को दोनों युवतियां सदर थाने पहुंची तथा थानाधिकारी से सम्पर्क कर घटना की जानकारी दी। इसकी जानकारी उन्हें मिलने पर वे खुद थाने पहुंचे तथा दोनों युवतियों से जानकारी लेने के बाद रिपोर्ट देने के लिए कहा।
इसके लिए थानाधिकारी ने उन्हें पेन व कागज दिया, जिस पर उन्होंने मात्र एक लाइन लिखी, जिसमें बलात्कार का कोई जिक्र नहीं किया गया। इसके बाद युवतियों ने कहा कि वे पहले परिजनों से सलाह-मशविरा करेंगी, इसके लिए उन्हें दिल्ली जाना है। काफी समझाइश के बावजूद उन्होंने रिपोर्ट नहीं दी तो उनके फोन नम्बर लेकर दिल्ली की रेल में बैठाया गया।
दिल्ली पहुंचने के बाद भी युवतियां से सम्पर्क कर रिपोर्ट ऑनलाइन भिजवाने के लिए कहा, जिस पर उन्होंने 30 मई को युवतियों ने उनके मोबाइल पर वाट्सएप पर मैसेज भेजा, जिसका प्रिंट लेकर महिला थाने में गैंग रेप का मामला दर्ज कराया गया। डीएसपी संत ने बताया कि पुलिस बलात्कार के मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और मामले की गहनता से जांच कर रही है।
चाकू की नोक पर किया दुष्कर्म
एसपी के नाम दिए पत्र में पीडि़ता ने बताया कि 25 मई को वह अपनी सहेली के साथ बस से नागौर पहुंची। अपराह्न करीब 3 बजे दीपक गाड़ी लेकर आया और दोनों को गाड़ी में बैठाकर नागौर शहर के निकट सुनसान जंगल में ले गया। रात्रि 10 बजे के बाद एक युवती को गाड़ी से उतारकर पास ही बने कमरे में ले गया तथा दूसरी युवती गाड़ी में ही बैठी रही। इस दौरान दोनों युवतियों के साथ तीन-चार लडक़ों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। युवतियों ने जब विरोध किया तो गर्दन पर पिस्तौल व चाकू रखकर डराकर चुप करा दिया। 26 मई को दोपहर में तीन बजे दोनों युवतियों के साथ मारपीट की तथा नकदी व सोने के पैंडल छीनकर छोड़ दिया।
Published on:
02 Jun 2019 07:26 pm

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