
Government made Payal Gehlot acting chairman
-वार्ड नंबर 11 की पार्षद हैं पायल
-शहर का विकास निर्बाध कराए जाने की जताई प्रतिबद्धता
-सभापति पद लेकर चल रही चर्चाओं पर लगा विराम
नागौर. गत 16 मई को सभापति के पद एवं सदस्यता से निलंबन के बाद चल रहे कयासों का बुधवार शाम को पटाक्षेप हो गया। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट सचिव ह्रदेश कुमार शर्मा की ओर से जारी आदेश में पायल गहलोत को दो माह यानि की 60 के लिए सभापति पद का कार्यभार सौंप दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकार की ओर से आदेश जारी होने के पूर्व तक के लिए यह गहलोत को इस पद के लिए अधिकृत किया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबन के बाद से शहर में कयासों का बाजार गर्म था। सभापति पद पर अपनी दावेदारी जताने के लिए कांग्रेसी पार्षदों की संख्या पांच हो गई थी। जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई पार्टी की बैठक में शिवरीदेवी, पायल गहलोत, ममता भाटी, राजलक्ष्मी आचार्य एवं शोभा कंवर के नाम सामने आए थे। इसके बाद इनके नाम सरकार को भेज दिए गए थे। बैठक में ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि सरकार जिसको भी इस पद के लिए अधिकृत करेगी। उसको इसे पूरे मन से मानना पड़ेगा। इधर पायल गहलोत के सभापति बनने के बाद से उनको समर्थकों की ओर से बधाइयों का तांता लग गया। इस मौके पर पायल गहलोत ने कहा कि जनहित का विकास करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। शहर का विकास निर्बाध तरीके से कराया जाएगा।
कार्यवाहक सभापति का किया स्वागत
नागौर. पायल गहलोत के बुधवार को कार्यवाहक सभापति बनने के बाद समर्थकों ने घर पहुंचकर उनको फूल-मालाओं से लाद दिया। इसके साथ ही इनके घर के बाहर पटाखे जलाकर जश्न मनाया। पटाखे की रोशनी के सााथ समर्थक पायल गहलोत के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
इनके मंसूबे पर फिरा पानी
कार्यवाहक सभापति पद पर पायल गहलोत की नियुक्ति होने से चार अन्य कांग्रेसी पार्षदों के मंसूबे पर पानी फिर गया। सभापति की दावेदारी में ममता भाटी, शिवरीदेवी, राजलक्ष्मी आचार्य एवं शोभा कंवर भी कतार में थी। बुधवार की शाम स्वायत्त शासन विभाग का आदेश आने के बाद चारों के समर्थकों में भी मायूसी छा गई।
मुख्यमंत्री ने परिवारवाद चलाया
जब मुझे निलंबित किया गया था। उससे पूर्व एवं पश्चात यह मुझे एहसास था कि मुख्यमंत्री को परिवारवाद से मोह लगा हुआ है। इसकी पुष्टी नए कार्यवाहक सभापति के नियुक्ति से प्रतीत होती है, और इस दौड़ कांग्रेस के वरिष्ठ से वरिष्ठ को परिवार के मोह में दरकिनार कर दिया गया।
मीतू बोथरा
कार्यवाहक सभापति के आदेश आने से प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री को परिवारवाद के लिए प्रदत शक्तियो का गलत उपयोग किया है इससे लोकतंत्र को धक्का पहुंचा है।
लक्ष्मी बिंजावत, पार्षद वार्ड तीन
Published on:
24 May 2023 10:31 pm
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