
water crisis in nagaur
नागौर. पंजाब में व्यास नदी में गत दिनों लाखों टन शीरा मिलने से पानी की आपूर्ति बंद करने के चलते इंदिरा नहर से पानी की आपूर्ति रोकने से शहर में आगामी दिनों में पेयजल संकट गहरा सकता है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि आगामी सात दिन तक पानी का स्टॉक है। गौरतलब है कि पंजाब के बटाला जिले के गांव कीड़ी अफगाना में शुगर एवं वाइन मिल के टैंकों में भरा लाखों टन शीरा उफनकर मिल के अपशिष्टों की निकासी के लिए बनाए गए नाले से होता हुआ व्यास नदी के पानी में मिल गया था। इससे नदी में करीब चालीस-पचास किलोमीटर क्षेत्र में शीरे की परत नदी में फैल गई थी। जलदाय विभाग की ओर से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में नहरों में आ रहा पानी पीने लायक नहीं पाए जाने पर नागौर जिले में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है।
कई मोहल्लों में पेयजल संकट
दिनों दिन तल्ख होते सूरज के तेवरों के बीच नागौर शहर के लोगों की परेशानियां भी बढऩे लगी है। शहर के मिरासियों का मोहल्ला, खान साब का मोहल्ला, बच्चा खाडा क्षेत्र के लोगों को दिन भर पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। काम धंधा छोड़कर घर की महिलाएं व बच्चे पानी का इंतजार करते हैं लेकिन पानी नहीं के बराबर मिल रहा है। गत दिनों नहरबंदी के चलते पानी की आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित हुई लेकिन गर्मी में पानी की मांग बढऩे कारण लोगों को अब भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों समेत अन्य क्षेत्र में रहने वाले रोजेदारों को हो रही है।
तो बढ़ सकती है मुश्किलें
अब एक बार फिर इंदिरा गांधी नहर से पानी की आपूर्ति नहीं होने से जिला मुख्यालय समेत नहरी पानी पर निर्भर गांवों व कस्बों में जल संकट हो सकता है। जानकारी के अनुसार फिलहाल 60-62 एमएलडी पानी गोगेलाव डेम में आ रहा है। इसमें से 16 एमएलडी पानी नागौर शहर को दिया जा रहा है। इसके अलावा शेष पानी मूण्डवा, कुचेरा,मेड़ता कस्बों, नागौर के 166 व मूण्डवा के 50 गांवों में पानी दिया जा रहा है। नोखा दैया में आगामी सात दिन के लिए करीब 600 एमएल पानी का स्टॉक है। इंदिरा गांधी नहर से सात दिन से ज्यादा समय होने पर पानी नहीं मिलने से दिक्कतें बढ़ सकती है।
डिग्गियों में पानी की आपूर्ति रोकी
पंजाब में व्यास नदी में शुगर मिल का लाखों टन शीरा और अन्य अपशिष्ट बहने से प्रदूषित हुआ पानी राजस्थान की इंदिरा गांधी नहर, भाखड़ा और गंगनहर तीन प्रमुख नहरों में आने लगा है। लालिमा लिए गहरे मटमैले रंग के इस पानी को देख आमजन में दहशत का माहौल है। पानी के सेवन से महामारी की आशंका के चलते जलदाय विभाग ने श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में जलदाय योजनाओं की डिग्गियों में पानी की आपूर्ति रोक दी है। दीगर है कि तीनों नहरों के पानी का उपयोग नागौर समेत राजस्थान के दस जिलों में पेयजल के रूप में हो रहा है।
समझदारी से करें जल का उपयोग
नहरों के पानी में प्रदूषण का स्तर जांचने के लिए जलदाय विभाग ने पानी के नमूने लिए हैं। इसके नतीजे आने के बाद ही जलप्रदाय योजनाओं की डिग्गियों में पानी की आपूर्ति के बारे में निर्णय किया जाएगा। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत को मद्देनजर रखते हुए आम जन भी पानी का उपयोग समझदारी से करें। अनावश्यक रूप से पानी व्यर्थ नहीं बहाएं। जो कार्य जरुरी हो उन्हीं कार्यों में मीठे पानी का उपयोग कर काफी हद तक पानी बचाया जा सकता है।
सात दिन का पर्याप्त स्टॉक
पंजाब में प्रदूषित पानी की आपूर्ति प्रभावित क्षेत्र में रोक दी गई है और यह नागौर नहीं पहुंचा है। हमारे पास सात दिन के लिए पानी का स्टॉक है। आम जन जरुरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करें।
सुभाष नेहरा, एक्सईएन, नहरी परियोजना, नागौर
Published on:
22 May 2018 11:19 am
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