
Insurance company considered guilty of deficiency in service
नागौर. यूनाइटेड इण्डिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को एक बीमित वाहन के बीमा अवधि में दुर्घटनाग्रस्त होने के बावजूद परिवादी के बीमा क्लेम को खारिज करना भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग नागौर ने इसे सेवा में कमी का दोष मानते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिए कि वे परिवादी को बीमित वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसकी मरम्मत पर खर्च हुई राशि एवं इस अवधि में दूसरा वाहन किराए पर ले जाने पर खर्च हुई राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करें। साथ ही उसे हर्जे-खर्चे के रूप में 10 हजार रुपए अतिरिक्त प्रदान करें।
यह था मामला
नागौर के मच्छियों का चौक निवासी ओमप्रकाश कांगसिया ने 5 अक्टूबर, 2023 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नागौर के समक्ष एक परिवाद पेश कर बताया कि उसकी ओर से क्रय किया गया वाहन हुण्डई आई 10 स्पोर्ट बीमा अवधि के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसकी मरम्मत अधिकृत डीलर से करवाई, लेकिन बीमा कम्पनी ने मरम्मत के बावजूद क्लेम मंजूर नहीं करते हुए 8 अगस्त, 2023 के पत्र द्वारा आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं करने एवं क्लेम विड्रॉ करने का झूठा आधार बनाकर खारिज कर दिया।
आयोग ने जवाब ही बंद किया
मामला आयोग के समक्ष आने पर बीमा कम्पनी को नोटिस भेजा गया, लेकिन बीमा कम्पनी की ओर निर्धारित अवधि में जवाब ही नहीं दिया गया, जिस पर आयोग ने जवाब ही बंद कर दिया। बहस के दौरान बीमा कंपनी ने जवाब पेश किया जो निर्धारित अवधि के बाद होने एवं पहले से ही जवाब बंद होने से इसे पढा ही नहीं गया, बल्कि आयोग ने इसे पत्रावली के डी भाग में रख दिया।
आयोग का निर्णय
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष नरसिंहदास व्यास, सदस्य बलवीर खुडख़डिया व चन्द्रकला व्यास ने तमाम दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद माना कि चूंकि बीमित वाहन बीमा अवधि में ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ तथा उसकी मरम्मत अधिकृत डीलर से ही करवाई गई, जिस पर 46,929 रुपए खर्च हुए हैं। इसके अलावा वर्कशॉप में वाहन खड़ा रहने के दौरान अन्य वाहन किराए पर ले जाने में 15,300 रुपए खर्च हुए। जिसके संपूर्ण दस्तावेज पत्रावली में पेश है। ऐसे में परिवादी यह राशि पाने का हकदार है। आयोग ने बीमा कंपनी यूनाइटेड इण्डिया इंश्योरेंस कम्पनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए आदेश दिया कि वह दो माह में परिवादी को वाहन मरम्मत पर खर्च राशि 46,929 रुपए तथा किराए के लिए अदा की गई राशि 15,300 रुपए सहित कुल 62,229 रुपए 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करें। साथ ही परिवादी को मानसिक वेदना के 5,000 रुपए व परिवाद शुल्क के 5,000 रुपए भी अतिरिक्त रूप से अदा करें।
Published on:
03 Apr 2024 12:46 pm
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