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VIDEO…उखड़ी सडक़ पर दिल्ली गेट से लेकर विजयवल्ल्ब चौराहे तक सफर

-रास्ते में हुए गड्ढों की वजह स्थिति हुई विकट, आए दिन होते रहते बाइक सवारों के साथ हादसे

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Nagaur news

Journey on uprooted road from Delhi Gate to Vijayvallab intersection

-सफर मे सडक़ नहीं जंगली पगडंडी सरीखा अहसास करा रहे जिम्मेदार
-दो घंटे मे करीब डेढ़ हजार गुजरते वाहनों के बीच कंकाल बनी सडक़ो पर सफर का खामियाजा झेल रहा आम पूछ रहा सवाल क्या कर रही सरकार
नागौर. दिल्ली गेट से लेकर विजयबल्लब चौराहे तक पहुंचने की राह में आपको एक, दो नहीं, बल्कि कई गड्ढों को पार करना पड़ेगा। गड्ढों की शुरुआत मुख्य गेट से ही हो जाती है। इस क्षेत्र में न केवल शहर का प्रमुख बाजार है, बल्कि थोड़ी ही दूरी पर जिला मुख्यालय का केन्द्रीय बस स्टैंड भी है। खरीदारी करने आने वालों के साथ ही नागौर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाने के लिए यहां इस राह से होकर ही पहुंचते हैं। यह बाजार सरकार को करोड़ों के कर चुकाता है। इसके बाद भी सुविधाओं के नाम पर गड्ढायुक्त सडक़ पर सफर करने वालों के साथ ही यहां के व्यापारी भी सवाल पूछते हैं कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं के तौर पर सरकारी प्रतिनिधि के रूप में कमान संभालने वाले यह अधिकारी क्या रह रहे हैं...?
दिल्ली गेट के अंदर व बाहर का व्यापारिक क्षेत्र शहर के प्रमुखतम बाजारों में शुमार है। यहां दुकानों पर आने वाले उपभोक्ताओं की संख्या हजारों में रहती है। इस क्षेत्र में जाने पर आपको ज्यादातर दुकानों पर खरीदारी करते हुए ही लोग नजर आते हैं। ऐसे में यहां पर आवागमन व व्यापारिक दृष्टि से बेहतर सडक़ की सुविधा होनी चाहिए थी, लेकिन नहीं है। यहां के बाशिंदों से बातचीत हुई तो बताया कि सडक़ की समस्या वह पिछले कई सालों से झेल रहे हैं। खराब सडक़ को लेकर ज्यादा शोर मचा तो मिट्टी या मलबा आदि डलवाकर खानापूर्ति कर ली जाती है।, बाजार में एक दुकान पर मिले रामसुमेर, श्रवणराम, मनीष और धनराज का कहना था कि प्रशासनिक व्यवस्था को लकवा मार गया है। हालत यह हो गई है कि आप संबंधित विभाग में जाइये या फिर कलक्टर को ज्ञापन देने, कुछ होने वाला नहीं है।
प्रवेश करते ही गड्ढे करते स्वागत
गांधी चौक की ओर से दिल्ली गेट पहुंचने पर मुख्य गेट के पास ही टूटी हुई सडक़ नजर आ जाती है। विजयबल्लभ चौराहा से यहां तक पहुंचने के दौरान आपको करीब एक दर्जन गड्ढे पार करने पड़ेंगे। मुख्य गेट से अंदर की ओर आने अथवा यहां से बाहर जाने, दोनो ही स्थिति में आपको गड्ढों से होकर ही जाना पड़ेगा। यह पूरी सडक़ ही कंकाल में बदल गई है। इसकी वजह से सडक़ पर चलना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि बीच सडक़ पर चलते वाहनों को इससे बचने के चक्कर में अक्सर हादसों का शिकार होना पड़ता है।
चौराहे के पास की पूरी सडक़ ही टूटी है
विजयबल्लभ चौराहा से ठीक पहले दिल्लीगेट की ओर चलने पर महज पांच मीटर दूरी पर पूरी सडक़ ही टूट चुकी है। यह स्थिति सडक़ के दोनो ओर की है। इस मार्ग पर बिखरी कंकरीट के साथ फैली हुई सडक़ पर जमा गंदगी के बीच वाहनों का सफर बेहद मुश्किल हो गया है। बीच में पूरी टूटी हुई सडक़ के साथ बगल में कंक्रीट का पड़ा हुआ ढेर नजर आता है। रही-सही कसर यहां से गुजरे नालों के ऊपर रखी पटिया के साथ अगल-बगल के हिस्से को कचरा फेकने की जगह बना दिया गया है। इसकी वजह से बीच चौराहे के पास ही सडक़ गली की तरह सिकुड़ गई है। टूटी सडक़ के साथ बगल में पड़े कंक्रीट के ढेर के चलते संकरी हुई सडक़ से सफर करना काफी मुश्किल हो गया है।
प्राइवेट बस स्टैंड पहुंचने में भी मुश्किल
दिल्ली गेट से एक रास्ता प्राइवेट बस स्टैंड की ओर भी जाता है। इस पूरे रास्ते पर हुए बड़े एवं छोटे गड्ढों की वजह से सफर बेहद ही मुश्किल हो जाता है। इस पूरे रास्ते पर केवल गड्ढों की वजह से पैदल राहगीर तक का सफर करना मुश्किल रहता है। दुकानदारों की माने तो इस सडक़ पर रोजाना हल्के हादसे होते रहते हैं। दुकानदार महिपाल ने बताया कि यहां पर तो रोजाना इन गड्ढों की वजह से बाइक पलटती रहती है।