
नागौर. विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला उठाया। बेनीवाल ने प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि उच्च संरक्षण और अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध चेक पोस्ट चलाकर गैर सरकारी लोग व माफिया ट्रक चालकों से चोथ वसूली करते हैं। बेनीवाल ने कहा कि ओवरलोड ट्रकों से जुर्माना लेने का प्रावधान है, लेकिन यह राशि सरकार के खाते में नहीं जाती। फर्जी रसीद बुकों से अवैध कमाई का खेल राजस्थान में चल रहा है।
ट्रकों से बंदी लेकर अधिकारी ट्रक चलवाते हैं और बंदी नहीं देने पर गाड़ी जबरन जब्त कर महीनों चक्कर कटवाते हैं। बेनीवाल ने शाहजापुर, रतनपुर, मावल चैक पोस्ट सहित पड़ौसी राज्यों की सीमा पर स्थापित परिवहन विभाग की चेक पोस्ट के सम्बन्ध मेंं कहा कि रोजाना 10 हजार से ज्यादा ओवर लोड वाहनों का प्रवेश रिश्वत लेकर करवाया जाता है। बेनीवाल ने कहा कि उनके परिवहन मंत्री के संरक्षण में अवैध गिरोह करोड़ों रुपए वसूली करते हैं। बेनीवाल ने मकराना,लाडनूं व डीडवाना क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पर 25-30 लोग निजी गाडिय़ों पर परिवहन विभाग लिखकर ट्रकों से अवैध वसूली करते हैं। परेशान होकर कई ट्रक ऑपरेटरों ने इस सम्बन्ध में 26 नवम्बर 2016 को परिवहन आयुक्त को शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
एसीबी ने किए कई खुलासे
बेनीवाल ने कहा कि 21 जनवरी 2017 को ऐसे गिरोह के खिलाफ अजमेर जिले के गेंगल थाने मे मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन शिक्षा विभाग में कार्यरत परिवहन मंत्री यूनुस खान के रिश्तेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। विधायक ने कहा कि अधिकारियो से मिलीभगत कर अवैध वसूली का खेल चलाने वाले गिरोह की एसीबी द्वारा धरपकड़ करने पर सामने आया कि प्रदेश मं करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की जा रही है, जो संभावित खान घोटाले से भी बड़ा घोटाला निकल सकता है। उच्च संरक्षण की वजह से मुख्य लोग बच निकले। विधायक ने कहा कि परिवहन निरीक्षकों के पास 100-100 ट्रक है, ट्रांसपोर्ट कंपनियों में हिस्सेदारी है। जिम्मेदारों के निर्देशन में खेल हो रहा है इसलिए सब बच रहे हैं।
लोक परिवहन परमिट में धांधली
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि लोक परिवहन बसों के परमिट जारी करने में भारी धांधली हुई है। जोधपुर के प्रादेशिक परिवहन विभाग के कार्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि 102 बसों के परमिट बिना होलटिंग स्थान तय किए, दे दिए। 37 सीटर बस के बजाय 35 सीटर बसों को परमिट दे दिए। सदन में परिवहन मंत्री यूनुस खान की अनुपस्थिति में खाद्य आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि लक्ष्य के अनुरूप राजस्व हासिल कर रहे हैं। एसीबी की कार्रवाई में सामने आए लोगों के खिलाफ विभाग द्वारा अभियोजन की स्वीकृति के आदेश दे दिए। बेनीवाल द्वारा अवैध वसूली के नेटवर्क की जांच की मांग पर मंत्री ने चुप्पी साधे रखी।
Published on:
31 Mar 2017 10:43 am
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