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किसानों के लिए सिर दर्द बना किसान गिरदावरी एप

किसान गिरदावरी एप बनी किसानों के लिए आफत, दिनभर घूमते रहे खेतो में नहीं मिली लोकेशन

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किसानों के लिए सिर दर्द बना किसान गिरदावरी एप

कुचेरा. ढाढ़रिया कला में गिरदावरी के लिए खेत में घूमते किसान।

कुचेरा (नागौर). राजस्थान सरकार की ओर से खेतों की गिरदावरी करने के लिए लांच किया किसान गिरदावरी एप किसानों के लिए सिर दर्द बन गया है। किसानों के लिए स्वयं गिरदावरी करने के लिए कारागार साबित होने वाला यह एप जमीनी स्तर पर खोखला साबित हो रहा है। पटवारियों की हड़ताल भी इसी एप पर आने वाली समस्याओं को लेकर है। जब किसान इस एप के जरिए गिरदावरी करने के लिए खेतों में फोन लेकर पहुंचे तो दिनभर घूमते रहे।

किसान मोबाइल लेकर खेत में जाता है और खसरा चयन करने के बाद पूरे खेत में घूमता है तो स्क्रीन पर ***** आप खसरा सीमा में नहीं है कृपया खसरा सीमा में गिरदावरी करें आपका स्थान निकटतम सीमा से नल मीटर दूर हैÓ ऐसे में किसान की गिरदावरी नहीं हो रही है। किसान खसरे के मध्य खड़ा रहकर दिनभर इंतजार करते रहे, आखिरकार किसानों को निराश लौटना पड़ता है।
पटवार संघ ने सौंपा ज्ञापन

इधर, क्षेत्र के पटवारियों ने राजस्थान पटवार संघ के बैनर तले डेगाना तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर किसान गिरदावरी एप में तकनीकी खामियों के चलते गश्त गिरदावरी नहीं होने, गत जून महीने में ही इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव राजस्व विभाग को ज्ञापन देकर अवगत कराने व तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की गई थी। गत 31 अगस्त को भू प्रबंध आयुक्त राजस्थान जयपुर को ज्ञापन देकर किसान गिरदावरी एप की खामियां दूर करने व पटवारियों को संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग की गई, लेकिन अब तक किसी भी समस्या का समाधान किए बिना गश्त गिरदावरी के लिए दबाव बनाने से पटवारी परेशान है। बिना गश्त गिरदावरी फसल कटाई प्रयोग भी नियमानुसार नहीं किया जाता, इसलिए किसान गिरदावरी एप में तकनीकी खामियों को दूर कर पटवारियों को संसाधन उपलब्ध करवाने व प्रशिक्षण की मांग पटवार संघ ने की है।

इनका कहना

किसान गिरदावरी एप से खेतों में नेटवर्क नहीं मिलने के कारण गिरदावरी नहीं हो रही है। जहां नेटवर्क मिल भी रहा है वहां पर नल मीटर दूरी का ऑप्शन किसानों के लिए आफत बन गया है। सरकार को इस एप में सुधार करके किसानों को राहत दिलाने की जरूरत है। इस गिरदावरी को ऑफलाइन का भी ऑप्शन देना चाहिए।
जोगीराम भाम्बू किसान, ढाढ़रिया कला