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Nagaur: मकराना का ‘पांडू’ बना सफेद सोना, मार्बल वेस्ट से करोड़ों की कमाई, उद्योगों के लिए बना वरदान

Makrana Marble Waste: मकराना ने दुनिया को संगमरमर दिया, अब उसके 'वेस्ट' से भी करोड़ों का कारोबार हो रहा है। सफेद संगमरमर की कटाई और घिसाई के दौरान निकलने वाला महीन सफेद पाउडर किसानों और कारोबारियों के लिए कमाई का जरिया बन गया है।
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नागौर

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Anand Prakash Yadav

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दिनेश स्वामी/नितिन पुरोहित

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Updated: 25 Jun 2026, 10:53 AM IST

Marble Processing Waste

किशनगढ़ में बना मार्बल वेस्ट डंपिग यार्ड, पत्रिका फाइल फोटो

Makrana Marble Waste: मकराना ने दुनिया को संगमरमर दिया, अब उसके 'वेस्ट' से भी करोड़ों का कारोबार हो रहा है। सफेद संगमरमर की कटाई और घिसाई के दौरान निकलने वाला महीन सफेद पाउडर किसानों और कारोबारियों के लिए कमाई का जरिया बन गया है। स्थानीय भाषा में इसे 'पांडू' कहा जाता है।

वेस्ट की मांग होने लगी तो सरकार ने भी इस पर अब रॉयल्टी वसुलनी शुरू कर दी है। इससे सरकारी खजाने में भी पैसा आ रहा हैं। 7-8 साल पहले तक मार्बल उद्योग से निकलने वाले इस वेस्ट के निस्तारण की बड़ी समस्या थी। खदान और फैक्टरी मालिक इसे खाली जमीनों व खेतों में डाल देते थे। इससे खेतों की उपजाऊ क्षमता प्रभावित होती थी, धूल उड़ने से प्रदूषण फैलता था। अब यही पांडू 'सफेद सोना' बन चुका है।

एक उद्योग का कचरा दूसरे के लिए कच्चा माल

नागौर जिले में मार्बल उद्योग से निकलने वाले वेस्ट के कारण पहले धूल प्रदूषण और जमीन खराब होने की शिकायतें आम थी। अब इस सामग्री के पुनः उपयोग से न केवल निस्तारण की समस्या कम हुई है, बल्कि पर्यावरणीय दबाव भी घटा है। एक उद्योग का कचरा दूसरे उद्योग का कच्चा माल बन रहा है। जो सर्कुलर इकोनॉमी का अच्छा उदाहरण भी बना है।

गुजरात की टाइल्स फैक्टरियों में बढ़ी मांग

कारोबारियों के अनुसार मकराना से बड़ी मात्रा में यह पाउडर गुजरात के मौरवी स्थित टाइल्स उद्योगों में भेजा जाने लगा है। टाइल्स निर्माण में इस पाउडर का उपयोग कच्चे माल के रूप में किया जाता है। मांग बढ़ने के बाद खेतों में वर्षों से जमा पांडू को भी खरीदा जा रहा है। किसान हरिराम जाट बताते हैं कि यह वेस्ट पहले उनके लिए सिरदर्द था। अब आमदनी दे रहा है। मार्बल व पांडू व्यवसायी दीपक शर्मा ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले सरकार ने पांडू पर रॉयल्टी लगा दी।

जानिए… किन उद्योगों में होता है उपयोग

  • कैल्शियम आधारित उद्योगों में
  • सिरेमिक व टाइल्स इंडस्ट्री
  • वॉल पट्टी और निर्माण सामग्री
  • पोल्ट्री फीड में मुर्गी दाना
  • टूथपेस्ट निर्माण
  • दवा उद्योग
  • पेंट, प्लास्टिक और रबर उद्योग

क्या है 'पांडू' ?

मार्बल की कटाई, पॉलिश और प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाले सफेद महीन पाउडर को स्थानीय भाषा में 'पांडू' कहते हैं। इसमें कैल्शियम कार्बोनेट की मात्रा अधिक है, जिससे औद्योगिक उपयोगिता बढ़ गई हैं। शुद्धता से मकराना का पांडू सर्वाधिक उपयुक्त है। 25 से 35 फीसदी वेस्ट मकराना क्षेत्र में सैकड़ों मार्बल इकाइयां संचालित हैं। मार्बल ब्लॉक की कटाई और प्रोसेसिंग के दौरान लगभग 25 से 35 प्रतिशत तक सामग्री वेस्ट के रूप में निकलती है।

5 साल में पांच गुणा बढ़ गई कीमत

  • 50 गाड़ी रोजाना मकराना से मौरवी जा रहा पांडू
  • 145 रुपए प्रति टन सरकार ने शुरू की रॉयल्टी वसूली
  • 150 रुपए प्रतिटन के भाव में बिक रहा यह वेस्ट
  • 50 हजार टन पांडू सरकारी 50 गोचर भूमि पर डंप पड़ा