
डेह में चुनावी चर्चा करते युवा
नागौर जिले में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट जायल में इस बार कांग्रेस की मंजू मेघवाल का भाजपा की मंजू बाघमार से चौथी बार मुकाबला तय हुआ है। आरएलपी के बी.एल. भाटी को मैदान में उतारने से सीट त्रिकोणीय संघर्ष में फंसी दिख रही है। बहन के मायरा भरने की परंपरा को निभाने के लिए प्रदेशभर में विशेष पहचान रखने वाले जायल में इस बार अभी तक मतदाता का मूड तय नहीं दिख रहा है। ग्रामीण क्षेत्र होने से सभी के अपने-अपने मुद्दे हैं। चेहरों पर ठोस वादों का इंतजार दिख रहा है। युवाओं में रोजगार की टीस है तो ढाणियों में बसे लोग मीठे बोल के साथ मीठे पानी की बाट जोहते दिख रहे हैं। यहां चुनाव को लेकर अलग-अलग चौपालों में खूब चर्चाएं होती दिख रही हैं।
जायल विधानसभा में खास
विधानसभा में कुल 2 लाख 61 हजार 412 मतदाता हैं, जिनमें एक लाख 35 हजार 34 पुरुष एवं एक लाख 26 हजार 378 महिला मतदाता हैं। यहां सबसे ज्यादा 69,139 मतदाता 20 से 29 आयु वर्ग के हैं। 13 मतदाता शतायु पार हैं।
प्रत्याशियों के तीन वादे
कांग्रेस प्रत्याशी घर-घर नल कनेक्शन करवाने, ढाणियों को पेयजल लाइन से जोडऩे के साथ खेतों में सिंचाई का प्रबंध करवाने की बात कर रही हैं।
भाजपा प्रत्याशी भ्रष्टाचार को समाप्त करने, कानून व्यवस्था को सुधारने, पारदर्शी प्रशासन स्थापित करने व युवाओं को रोजगार से जोडऩे के वादे कर रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र के बड़े मुद्दे
2018 चुनाव में मिले मत
कांग्रेस - मंजू मेघवाल - 68,415
आरएलपी - अनिल बारूपाल - 49811
जीत का अंतर - 18,604
मतदाता बोले ...
गांव सहित विधानसभा क्षेत्र में मीठे पानी की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो रही। नहर के पानी में ट्यूबवेल का पानी मिक्स कर दिया जा रहा है। बरसात के दिनों में गांव में पानी भर जाता है, निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार से आमजन परेशान है।
- सीताराम गौरा, डेह
डेह में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय को गांव से दूर ढाणियों में खोला गया है, जहां बच्चों का जाना मुश्किल है, जबकि गांव में उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन खाली पड़ा है। स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। डेह को पंचायत समिति बनाने मांग लम्बे समय से है, लेकिन नहीं बना रहे।
- रामनारायण दंतुसलिया, डेह
Updated on:
18 Nov 2023 12:40 pm
Published on:
18 Nov 2023 11:43 am
