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सैन्य सम्मान के साथ शहीद हरिराम रेवाड़ को दी अंतिम विदाई, 11 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में सड़क दुर्घटना में शहीद हुए नागौर जिले की जायल तहसील के गांव राजोद निवासी हरिराम रेवाड़ का पार्थिव शरीर सोमवार शाम को पैतृक गांव पहुंचा।

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जायल (नागौर)। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में सड़क दुर्घटना में शहीद हुए नागौर जिले की जायल तहसील के गांव राजोद निवासी हरिराम रेवाड़ का पार्थिव शरीर सोमवार शाम को पैतृक गांव पहुंचा। यहां सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद के 11 वर्षीय पुत्र नवीन ने चिता को मुखाग्नि दी। हरिराम 13 राष्ट्रीय राइफल्स में हवलदार थे। वे 4 जनवरी को जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा में सड़क दुर्घटना में शहीद हो गए थे।

ग्रामीणों ने निकाली तिरंगा रैली

दोपहर बाद बीकानेर से पार्थिव शरीर जायल पहुंचा। कस्बे में प्रवेश से पहले तरनाऊ रोड से सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने तिरंगा रैली निकालकर शहीद का सम्मान किया। जायल कस्बे से लेकर पांच किमी दूर राजोद गांव तक जगह-जगह लोगों ने सड़क के दोनों तरफ खड़े रहकर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद हरिराम अमर रहे के जयकारों से माहौल गूंजता रहा। कस्बे के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। देर शाम ग्राम राजोद में अंतिम संस्कार किया गया।

मंत्री सहित कई गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि

इससे पहले राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा, जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित, पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद हरिराम के परिवार में पत्नी प्रीति, पुत्र नवीन व सात वर्षीय पुत्री वन्दना है। हरिराम आठ भाई बहनों में सबसे छोटे थे। उनका वर्ष 2010 में भारतीय सेना में चयन हुआ था।