
Nagaur court
नागौर। राजस्थान के नागौर, मेड़ता सिटी और बाड़मेर जिला मुख्यालय कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरा ई-मेल मिलते ही कोर्ट परिसरों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से सभी कोर्ट रूम खाली करवाए। इसके बाद गहन तलाशी अभियान शुरू किया।
बाड़मेर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जिला न्यायाधीश के आधिकारिक ईमेल पर धमकी भरा संदेश मिला। मेल में कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने का जिक्र था। सूचना मिलते ही एसपी नरेंद्र सिंह मीना भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देरी किए पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवाया। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्तों ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। हालांकि, कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
नागौर जिला न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार सुबह प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह धमकी भरा ई मेल ‘सौरव बिश्वास’ नाम के व्यक्ति के आईडी से जिला जज के आधिकारिक ई-मेल पर भेजा गया बताया जा रहा है। ई-मेल रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे भेजा गया, जिसमें कोर्ट परिसर पर हमले और बम गिराए जाने जैसी बातें लिखी गई हैं।
नागौर जिला न्यायालय को मिले ई-मेल में लिखा गया कि कोर्ट बेगुनाह लोगों को इंसाफ नहीं दिला पा रहा है और विभिन्न राजनीतिक व अंतरराष्ट्रीय साजिशों का हवाला देते हुए अदालतों और कानूनी कार्यालयों पर हमले की बात कही गई। साथ ही इसमें दोपहर एक बजे से पहले विस्फोट होने की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। ई-मेल में यह भी दावा किया गया कि कुछ बम ड्रोन के जरिए गिराए गए हैं और छतों की जांच करने की बात कही गई है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और आसपास के क्षेत्र में भी सतर्कता बरती गई। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से ई-मेल के स्रोत का पता लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 5 मार्च को इसी प्रकार का एक धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था, जिसके बाद नागौर कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया था। उस समय भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी, लेकिन सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार सतर्क है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।
Updated on:
09 Mar 2026 01:59 pm
Published on:
09 Mar 2026 12:44 pm
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