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नागौर: अवैध खनन पर लगेगा अंकुश, अतिक्रमण किया तो दर्ज होगी एफआईआर

जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने उपखंड अधिकारियों व तहसीलदारों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।

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Nagaur News

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नागौर. जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने उपखंड अधिकारियों व तहसीलदारों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किसी भी स्थिति में अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। पूरे जिले में अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। कलक्टर कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। कलक्टर ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित कर लें कि सरकारी भूमि अथवा अनुसूचित जाति-जनजाति के व्यक्तियों की भूमि पर किसी ने अतिक्रमण तो नहीं कर रखा है और यदि है तो दोषी के विरूद्ध कार्रवाई करें।
प्राथमिकी दर्ज कराई जाए
कलक्टर गौतम ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अतिक्रमी की ओर से राज्य कर्मचारियों अथवा अधिकारियों के साथ किसी तरह की बाधा डाली जाती है तो उसके विरुद्ध राजकार्य में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को सख्त हिदायत देते हुए कहा की अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध राजकीय नियमों के तहत मुकदमा दर्ज करें, जिसमें 3 माह का कारावास की सजा का प्रावधान है। प्रत्येक तहसीलदार यह सुनिश्चित कर लें कि अगर उसके क्षेत्र में कोई आदतन अतिक्रमी है तो उसके विरुद्ध प्रभारी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
...तो निरस्त करें भूमि रूपांतरण
कलक्टर ने कहा की विभिन्न राजस्व अधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्र में भूमि रूपांतरण के कई प्रकरणों का निस्तारण किया गया है, अब वह अपने क्षेत्र में यह देख लें की भूमि रूपांतरण के ऐसे प्रकरण जिसमें एग्रो प्रोसेसिंग के लिए, औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए भूमि रूपांतरण करवाई है और अब तक वहां औद्योगिक इकाई की स्थापना या निर्माण कार्य भी नहीं हुआ है तो ऐसे प्रकरणों में भूमि रूपांतरण निरस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखने में आता है कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से ही एग्रो प्रोसेसिंग के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों की भूमि का रूपांतरण करवा लेते हैं, ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कारवाई की जाए।
राजस्व प्रकरणों का निस्तारण जल्द करें
कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके राजस्व न्यायालय के अधीन जितने भी राजस्व प्रकरण लंबित हैं, उनका निस्तारण जल्द करें। दस साल से अधिक पुराने प्रकरणों की सूची बनाकर उन्हें प्राथमिकता से निस्तारित करें। पुराने प्रकरणों में तारीख देने का कार्य ना करें, बल्कि उनको जल्द निबटाकर परिवादी को लाभ पहुंचाएं।
हेल्पलाइन में कोताही तो मिलेगी चार्जशीट
कलक्टर गौतम ने उपखण्ड अधिकारियों व तहसीलदारों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन व राजस्थान संपर्क पोर्टल से प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण त्वरित करने के निर्देश दिए। इन प्रकरणों में यदि किसी उपखण्ड अधिकारी या तहसीलदार द्वारा गलत रिपोर्टिंग की गई तो उसके विरूद्ध राजकीय सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दी जाएगी।