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राजस्थान के नागौर में फिर गरमाया नगर परिषद द्वारा वॉल पेंटिंग भुगतान का मामला, कमेटी करेगी जांच

फिर बाहर निकला वॉल पेंटिंंग का जिन्न,नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष सांखला ने दी शिकायत,-जिला कलक्टर गौतम ने दिए आदेश।

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uproar in nagaur nagar parishad meeting

Nagaur Nagar Parishad

नागौर. नगर परिषद की ओर से बासनी पुलिया पर वॉल पेंटिंग का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल गया है। नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष ओमप्रकाश सांखला ने इस संबंध में कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर फर्म को किए गए भुगतान की जांच करवाने की मांग की है। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने एक कमेटी से मामले की जांच के आदेश दिए हैं। तीन सदस्यीय कमेटी में उपखंड अधिकारी नागौर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के एसई व कलक्टर कार्यालय के एकाउंट आफिसर शामिल हैं। गौरतलब है कि वॉल पेंटिंग के भुगतान को लेकर नगर परिषद की गत बैठक में जमकर हंगमा हुआ था।
नियमों की नहीं हुई पालना
ज्ञापन में कहा है कि मार्च 2016 में नागौर में आयोजित आरएसएस के शिविर के दौरान शहर में विभिन्न स्थानों पर वॉल पेंटिंग के लिए ऑनलाइन निविदा निकाली जानी थी, लेकिन आयुक्त की चहेती फर्म को ठेका देने के लिए नियमों की पालना नहीं की गई। पेंटिंग का नाप चौक देखने से यह पेंटिंग महज लाख-डेढ़ लाख की प्रतीत होती है लेकिन नगर परिषद ने 20 प्रतिशत अधिक को आधार मानते हुए टेंडर की लागत बढाकर फर्म को 18 से 20 लाख रुपए का भुगतान कर नगर परिषद को 15 से 18 लाख राजस्व का नुकसान हुआ।
अधीनस्थ कर्मचारियों से कराई जांच
सांखला व पार्षद लालचंद ने आयुक्त श्रवण चौधरी पर आरोप लगाया है कि पार्षदों की शिकायत पर 30 मई को सभापति कृपाराम सोलंकी ने फर्म को भुगतान नहीं करने के लिए लिखा। इसके बावजूद सभापति की अनुपस्थिति में आयुक्त ने उप सभापति से हस्ताक्षर करवाए तथा अजमेर नगर निगम के अधीक्षण अभियंता से प्रकरण की जांच करवाने से पहले ही भुगतान कर दिया। आयुक्त ने उच्च अधिकारी से जांच करवाने के बजाय अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से ही जांच करवा ली, जो कि विधि विरुद्ध है।
पार्षदों की नहीं ली सहमति
ज्ञापन में लिखा है कि पेंटिंग की टेंडर कॉपी में नोन बीएसआर में 1500 स्क्वायर मीटर की क्वांटिटी दी गई लेकिन उसमें वर्गमीटर की दर विभाग द्वारा भरी नहीं गई है। 8 जून को नगर परिषद की बैठक की कार्रवाई विवरण में भुगतान करने का प्रस्ताव ले लिया गया जबकि इस मुद्दे परन तो प्रस्ताव लिया गया और ना ही पार्षदों से सहमति नहीं ली गई। 9 अक्टूबर की बैठक में दो दर्जन पार्षदों ने आक्षेप पेश किया था। बैठक की कार्रवाई देखने के लिए वीडियोग्राफी की प्रमाणित प्रतिलिपि चाही गई, लेकिन उपलब्ध नहीं करवाई गई।

जांच कमेटी गठित की है
वॉल पेंटिंग भुगतान में अनियमितता संबंधी शिकायत मिली है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
कुमार पाल गौतम, जिला कलक्टर, नागौर