
Nagaur parishad commissioner shrwan chaudhary transferred
आखिर आयुक्त श्रवण चौधरी का तबादला,विवादों भरा रहा चौधरी का कार्यकाल, जल्द होगी नए आयुक्त की नियुक्ति
नागौर. शहरी सरकार में लम्बे समय से आयुक्त श्रवण चौधरी व सभापति कृपाराम सोलंकी में चल रही खींचतान के बीच आखिरकार नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी का स्थानांतरण मेड़ता हो ही गया। आयुक्त के पद भार के साथ-साथ उनके पास मेड़ता अधिशाषी अधिकारी (ईओ) का अतिरिक्त कार्य भार था। नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी लम्बे समय से नागौर व मेड़ता दोनों जगह काम देख रहे थे। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने एक आदेश जारी कर आयुक्त व नगरपालिका अधिशाषी अधिकारियों के तबादले किए हैं। नागौर में उनके स्थान पर किसी को नहीं लगाया गया है, संभावना है एक-दो दिन में नियुक्ति हो जाएगी।
कलक्टर की पड़ी थी फटकार
आयुक्त चौधरी ने 27 जनवरी 2016 को नागौर में कार्य भार ग्रहण किया। करीब 26 माह के कार्य काल में चौधरी विवादों में रहे। 12 अक्टूबर 17 को सतर्कता समिति की बैठक में अतिक्रमण हटाने में लापरवाही को लेकर कलक्टर कुमार पाल गौतम के कोपभाजन के शिकार हुए आयुक्त के सभापति सोलंकी से मन मुटाव की चर्चा आम रही वहीं 10 अक्टूबर 17 को हुई बोर्ड बैठक में उप सभापति इस्लामुद्दीन से भी उनकी तकरार सुर्खियों में रही।
वॉल पेंटिग मामले में रहे चर्चित
लगभाग दो साल दो माह के कार्यकाल के दौरान ऐसे कई मौके आए जब नगर परिषद आयुक्त चौधरी व सभापति कृपाराम सोलंकी में आपसी तालमेल के अभाव में विकास कार्य प्रभावित हुए, लेकिन आयुक्त चौधरी बासनी पुलिया पर वॉल पेंटिंग मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष ओमप्रकाश सांखला व पार्षद लालचंद समेत अन्य ने अक्टूबर 2017 में कलक्टर कुमार पाल गौतम को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की थी। 20 मई 2017 को जिला स्तरीय बैठक में मातहत अधिकारियों को भेजने पर आयुक्त चौधरी को कलक्टर की फटकार पड़ी थी।
Updated on:
29 Mar 2018 10:19 pm
Published on:
29 Mar 2018 09:29 pm
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