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नागौर रिंग रोड का रास्ता क्लीयर : 375 करोड़ से बनेगा 16 किमी बायपास

तीन तरफ पहले बन चुकी, चौथा हिस्सा पूरा करने के लिए जल्द आएगी स्वीकृति, बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को मिलाने के लिए 16 किलोमीटर का बनेगा बायपास, 375 करोड़ रुपए होंगे खर्च, रिंग रोड बनने के बाद शहर में नहीं आना पड़ेगा भारी वाहनों को

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Ring road demo pic

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नागौर. केन्द्र सरकार से नागौर जिले को गत सप्ताह मिली नागौर-जोधपुर फोरलेन की स्वीकृति के बाद अब एक और सौगात मिलने वाली है। केन्द्रीय सडक़ एवं परिवहन मंत्रालय ने नागौर रिंग रोड को पूरा करने के लिए बीकानेर रोड से लाडनूं रोड तक बायपास सडक़ को मंजूरी देने की तैयारी कर ली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही इसकी प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने की संभावना है। 16 किलोमीटर लम्बा बायपास करीब 375 करोड़ रुपए के बजट से बनाया जाएगा। इस बायपास का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शहर के चारों तरफ करीब 47 किलोमीटर की रिंग रोड तैयार हो जाएगी।

गौरतलब है कि शहर से निकलने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्ग व एक राज्य राजमार्ग के यातायात को बाहर से निकालने के लिए तीन ओर बायपास रोड बन चुकी है। अब शेष रहे अमरपुरा से गोगेलाव तक के भाग को भी पूरा करने की कवायद चल रही है। वर्तमान में अमरपुरा से चुगावास तक के बायपास की लम्बाई 19.225 किलोमीटर तथा चुगावास से गोगेलाव तक बायपास की लम्बाई करीब 12.07 किलोमीटर है। अमरपुरा से गोगेलाव तक बनने वाले बायपास की लम्बाई 16 किमी होगी। इस प्रकार शहर के चारों तरफ करीब 47 किलोमीटर की रिंग रोड तैयार होगी।

ये होंगे फायदे

- वर्तमान में नागौर शहर से दो राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 65 व 89) निकल रहे हैं। इसके कारण भारी वाहनों का आवागमन शहर से होता है। रिंग रोड बनने से शहर में आने वाले भारी एवं हल्के वाहन बाहर से निकलेंगे। इससे न केवल वाहन चालकों के समय की बचत होगी, बल्कि शहर का यातायात भार कम होगा और हादसों में कमी आएगी।

- गोगेलाव के पास विकसित हो रहे नए औद्योगिक क्षेत्र को संजीवनी मिलेगी। नए औद्योगिक क्षेत्र में माल लाने व ले जाने के लिए भारी वाहनों को शहर में नहीं आना पड़ेगा।

- रिंग रोड से शहर का विस्तार होगा। नागौर शहर का अधिकतर विकास बीकानेर रोड पर हो रहा है। रिंग रोड बनने से लाभ मिलेगा।

- बीकानेर रोड पर जिला मुख्यालय का सरकारी अस्पताल, कृषि कॉलेज, मेडिकल कॉलेल, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, केन्द्रीय विद्यालय, मॉडल स्कूल वर्तमान में संचालित हैं। साथ ही यहां मिनी सचिवालय व न्यायालय के लिए भवन बनना भी प्रस्तावित है। ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी नहीं होगी।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

नागौर रिंग रोड को लेकर राजस्थान पत्रिका ने सबसे पहले 17 फरवरी 2021 को ‘नागौर के चारों तरफ बने रिंग रोड’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मुद्दा उठाया था। इसके बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मुद्दे को लेकर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। जिसके बाद मंत्री ने डीपीआर तैयार करने के लिए बजट स्वीकृत किया और अब जल्द ही स्वीकृति मिलने वाली है।

इधर, नागौर-बीकानेर रोड को फोरलेन करने की प्रक्रिया शुरू

नागौर-जोधपुर रोड को फोरलेन बनाने की स्वीकृति मिलने के बाद अब नागौर-बीकानेर रोड को फोरलेन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। नागौर-बीकानेर रोड पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए शुक्रवार को एनएच के अधिकारियों ने 30 किलोमीटर के क्षेत्र में छह ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए। एनएच बीकानेर के एसई केसाराम पंवार ने बताया कि नागौर-जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने के टेंडर हो गए हैं। जल्द ही डीपीआर तैयार करके सबमिट की जाएगी।

स्वीकृति का इंतजार

बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को मिलाने के लिए बायपास की डीपीआर तैयार होने के बाद सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। यह बायपास 16 किलोमीटर लम्बा होगा, जिस पर करीब 375 करोड़ का खर्च आएगा। उम्मीद है जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी।

- दीपक परिहार, एक्सईएन, एनएच, नागौर खंड