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राजस्थान बजट- 2018 में नागौर जिले की फिर हुई उपेक्षा

‘बजट’ के नाम पर नागौर को फिर ‘ठेंगा’, अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे 3 मंत्री समेत 9 विधायक, सौगात के नाम पर केवल दो घोषणाएं।

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नागौर. जिले से तीन-तीन मंत्रियों समेत 9 विधायक प्रदेश की भाजपा सरकार में शामिल होने के बावजूद बजट में जिले की उपेक्षा की गई। जिलेवासियों को उम्मीद थी कि इस सरकार के अंतिम बजट में नागौर को बहुत कुछ मिलेगा लेकिन मंत्री जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाए। नई सौगात तो दूर लम्बे समय से की जा ही मांगों को भी सरकार पूरा नहीं कर पाई। नागौर में मेडिकल कॉलेज व डीजे कोर्ट खोलने तथा नए जिले बनाने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई।
ऊंट के मुंह में जीरा
बजट में सौगात के नाम पर केवल परबतसर में अपर जिला न्यायाधीश न्यायालय व मकराना के बोरावड़ क्षेत्र की कुमारी पत्थर की खानों के खण्डों पर रॉयल्टी समाप्त करने की घोषणा की गई जो नागौर जिले की अपेक्षाओं को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। भाजपा ने जहां बजट को जन हितैषी बताया है वहीं कांगे्रसियों का कहना है कि भाजपा सरकार का यह अंतिम बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। सरकार ने पूरी तरह से चुनावी बजट पेश किया है।
किसानों के साथ भी धोखा
राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हनुमान बांगड़ा ने कहा कि सरकार ने बजट पूर्व सुझावों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। लोक लुभावन वादे कर सत्ता में आई भाजपा सरकार ने किसानों के साथ भी धोखा किया है। जिला किसान, खेत एवं मजदूर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भंवरलाल खुडख़ुडिय़ा, कांग्रेस कार्यकर्ता प्रेमसुख जाजड़ा, विमल सोनी ने बजट को निराशाजनक व किसानों को गुमराह करने वाला बताया। सरकार ने हीरालाल भाटी ने कहा कि सरकार का बजट हकीकत से कौसों दूर है।
बेरोजगारों के लिए सौगात
भाजपा ने सरकार के बजट को किसान हितेषी व बेरोजगारों के लिए सौगात बताया है। जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह भाटी, रमाकांत शर्मा, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष लीलम तोलावत, महामंत्री मनीष बंसल, कमल सैन, प्रमोद सोनी, सोहन भाटी, राजकुमार पहाडिय़ा, पवन सारस्वत ललित भाटी, पाबूराम ज्याणी, रमेश खटीक, विजय पंवार, सुरेश ललवानी, महावीर सांदू, अल्पसंख्यक मोर्चा नगर अध्यक्ष इमरान खान मास्टर, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष नटवर व्यास, पवन पंचारिया, सुरेश चारण ने इसे विकास का बजट बताया।
केवल खुश करने का बजट
सॉफ्टवेयर इंजीनियर रेवंत चौधरी का कहना है कि ऐसा पहली बार देखने में आया है कि जब किसी सरकार ने केवल विभिन्न वर्गों को खुश करने के लिए ऐसा बजट पेश किया है। नागौर शहर कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक अब्दुल हमीद गौरी व मनोज देवल व कांगे्रस कमेटी के विचार विभाग के अध्यक्ष नवीन गोदारा, जगदीश बागडिय़ा, भगवानाराम तांडी व शिव सेना के पूर्व राज्य प्रमुख ओम चौधरी ने बजट को पूरी तरह से चुनावी व थोथी घोषणाओं का पुलिंदा बताया है।

सभी वर्ग को दी राहत
आमजन के साथ सभी वर्गों को राहत देने वाला बजट है। एक लाख से अधिक पदों पर बेरोजगारों की नियुक्ति की जाएगी। किसानों के कर्ज माफी व कृषक राहत आयोग का गठन स्वागत योग्य हैं। मदरसों को आदर्श बनाने के लिए अनुदान दिए जाने से अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों का शैक्षणिक स्तर भी मजबूत होगा।
हबीबुर्रहमान ,विधायक नागौर

झूठी घोषणाओं का पुलिंदा
राज्य सरकार बजट झूठी घोषणाओं का पुलिंदा है। 50 हजार तक कर्ज माफी में भी लघु व सीमांत का भेद करना गलत है। प्रदेश के किसान व युवाओं की उम्मीदों पर सरकार ने एक बार फिर कुठाराघात किया है। बजट बहस का जवाब में सरकार किसानों के पूर्ण ऋण माफी व नि:शुल्क बिजली की घोषणा करें।
हनुमान बेनीवाल, विधायक खींवसर

गत बजट की घोषणा भी अधूरी
सरकार ने कई चुनावी लोक लुभावनी घोषणाएं की। जिनकी क्रियान्विति व उनके लिए जरूरी संसाधनों का जिक्र नहीं किया गया है। नए महाविद्यालयों की घोषणा की है जबकि अभी संचालित विद्यालयों, महाविद्यालयों में सुविधाओं का अभाव है। नए जिलों की मांग सालों से लंबित है ।
जसवंत गुर्जर, सचिव, पीसीसी

चुनावी घोषणाओं से भरा बजट
सरकार का बजट चुनावी घोषणाओं से भरा बजट है। महाराष्ट्र व उत्तरप्रदेश के बाद किसानों की कर्ज माफी की तरफ बढऩे वाला राजस्थान तीसरा राज्य है लेकिन इसको एक्जीक्यूट करने की योजना समझ से परे है। करों के लिहाज से आदमी के लिए कुछ भी नया नहीं है।
कमल जोशी, सचिव, टैक्स बार एसोएिसशन, नागौर

लोगों को लुभाने की कोशिश
किसानों के 50 हजार तक के ऋण माफ करने व युवाओं के लिए रोजगार की घोषणाओं से यह बजट पूरी तरह चुनावी प्रतीत हो रहा है। कोटा स्टोन की रेट कम करने समेत जीएसटी में कुछ प्रावधान करने की बात कही गई है।
मनीष मित्तल, सचिव, चार्टर्ड एकाउंटेट

नागौर की पूरी उपेक्षा
बजट में नागौर की तो पूरी तरह उपेक्षा की गई है। यह बजट पूरी तरह आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर पेश किया गया बजट है। पिछले बजट की घोषणाओं की क्रियान्विति के बिना नई घोषणाओं का कोई औचित्य नहीं है।
कृपाराम सोलंकी, सभापति, नगर परिषद नागौर

ऊंट के मुंह में जीरा समान
किसानों का नाम मात्र का कर्ज माफ करने की घोषणा ऊंट के मुंह में जीरा समान है। महंगाई से त्रस्त आम आदमी के लिए राहत का जिक्र बजट में नहीं है। सरकार ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए लोक लुभावन बजट पेश किया है।
ओमप्रकाश सैन, प्रधान पंस नागौर

जन हितकारी बजट
सरकार का यह बजट आम जनता के लिए हितकारी बजट है। किसानों के लिए ऋण माफी व बकाया पर ब्याज में छूट से किसानों को राहत मिलेगी। बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। किसानों, युवाओं व व्यापारी वर्ग के लिए समर्पित बजट है।
सरोज प्रजापत, भाजपा प्रदेश मंत्री

सुराज की घोषणाएं पूरी
भाजपा की ओर से सुराज संकल्प यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं को पूरा किया गया है। सबका साथ सबका विकास में विश्वास रखने वाली भाजपा ने बेरोजगारों के लिए नई भर्तियां खोलने व किसानों के लिए ऋण माफी जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं की है।
रामचन्द्र उत्ता,भाजपा जिलाध्यक्ष (शहर)