
नागौर. देश के साथ विदेशों में अपनी महक फैला रही नागौरी (कसूरी) पान मैथी अब जापानियों को यहां तक खींच लाई है। देश भर में मशहूर नागौरी मैथी की महक अब जापान के लोगों के जायकेे तक पहुंचने वाली है।
नागौरी मैथी की बुआई का तरीका जानने तथा उत्पादन लेने की तकनीक सीखने के लिए मंगलवार को जापान से एक टीम नागौर पहुंची।
टीम ने नागौर जिले के मूण्डवा क्षेत्र के रूण, सिराधना, खजवाना व कुचेरा स्थित कृषि कुओं का दौरा कर नागौरी पान मैथी की फसल उगाने, मैथी की फसल को पानी देने, कटाई करने, सुखाने सहित अन्य तरीकों के बारे में जानकारी ली।
जापान की कम्पनी के नील काकन व उनकी टीम ने रसायनमुक्त व शुद्ध जैविक आधार पर पैदा की जा रही नागौरी मैथी की फसल का अवलोकन किया व पैदावार के तरीकों व पद्धति का बारीकी से अध्ययन किया। उनके अनुसार जैविक आधार पर पैदा की गई मैथी एक ऐसी प्रजाति है, जिसमें सारे मसालों के उपयुक्त आवश्यक घटक एवं पोष्टीकता शामिल है।
गौरतलब है कि भारतीय किसानों द्वारा की जाने वाली खेती की मांग देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक जानी व पहचानी जाने लगी है। खास कर यहां की जैविक खेती द्वारा उगाई गई फसलों की गुणवत्ता व उपयोगिता को देखते हुए विदेशों में भी भारतीय खेती की जानकारी प्राप्त की जा रही हैं।
Published on:
17 Nov 2016 02:42 pm
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