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नागौर. जिला मुख्यालय स्थित बलदेवराम मिर्धा राजकीय महाविद्यालय की एनसीसी 3 राज महिला विंग को महाविद्यालय में 42 वर्ष से कम आयु की महिला व्याख्याता नहीं होने के कारण वापस ले लिया गया है। जानकारी के अनुसार राजस्थान एनसीसी कार्यालय ने कॉलेज आयुक्तालय को पत्र लिखकर मिर्धा महाविद्यालय से एनसीसी महिला विंग वापस लेने को कहा है, वहीं मिर्धा महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अभी तक महाविद्यालय के पास इस बारे में जानकारी नहीं है। जबकि जिम्मेदार दबी जबान इस आदेश को सही बता रहे हैं। जिलेभर में केवल मिर्धा महाविद्यायल में छात्राओं की रुचि को देखते हुए चार वर्ष पूर्व काफी मुश्किलों के बाद एनसीसी महिला विंग की मंजूरी मिली थी। इस मामले में खास बात यह है कि जिले के दो केबिनेट व एक केन्द्रीय मंत्री तथा अधिकतर विधायक भाजपा के होने के बावजूद मुख्यालय के राजकीय महाविद्यालय में 42 वर्ष से कम आयु की महिला व्याख्याता की नियुक्ति नहीं करवा पाए।
यह होता है फायदा
एनसीसी सी प्रमाण पत्र से पुलिस में 5 प्रतिशत बोनस अंक, सेना में अधिकारी स्तर पर लिखित परीक्षा नहीं होती सीधा साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। पैरामिल्ट्री फोर्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीआई में जाने पर एनसीसीधारी को अतिरिक्त बोनस अंक दिए जाते हैं।
कहां सीखेंगी बेटियां आत्मरक्षा के गुर
सरकार एक ओर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं का नारा दे रही हैं। दूसरी ओर मिर्धा महाविद्यालय से इस तरह महिला विंग छिन जाने से छात्राओं कॅरियर को लेकर काफी नुकसान होगा। एनसीसी 3 राज महिला विंग की छात्राएं अलग- अलग राज्यों में होने वाले राष्ट्रीय एकीकरण कैम्प (एनआईसी), चार कैम्पों में प्रशिक्षण प्राप्त कर दिल्ली में राजपथ पर होने वाली 26 जनवरी की परेड वाले कैम्प सहित अन्य कई ऐसे कैम्प होते हैं, जिनमें बेटियों को आत्म रक्षा के गुर सिखाए जाते हैं।
नहीं होगा फायदा
एनसीसी का जो फायदा छात्राओं को भविष्य में होने वाला था उन सभी से वे वंचित रह जाएंगी।
लेफ्टिनेंट प्रेमसिंह बुगासरा,
एनसीसी प्रभारी,मिर्धा महाविद्यायल, नागौर
जानकारी नहीं
एनसीसी 3 राज महिला विंग बंद होने संबंधी हमारे पास अधिकृत जानकारी नहीं है। यह विंग बंद होती है तो कॉलेज छात्राओं को काफी नुकसान होगा।
शंकरलाल जाखड़, कार्यवाहक प्राचार्य, मिर्धा महाविद्यालय।
Published on:
27 Jun 2018 12:24 pm
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