Nagaur. पोषाहार आपूर्ति की गड़बड़ी के संबंध में व्यापक स्तर पर मामले सामने आने के बाद भी मुख्यालय ने लिया फैसलाअब सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो को अनिवार्य रूप से लगानी पड़ेगी यह पट्टिका नहीं, तो फिर हो जाएगी कार्रवाई
नागौर. अब आंगनबाड़ी में संचालित सेवाओं की सूची भी केन्द्रों के बाहर चस्पॉ करनी पड़ेगी। इसमें आंगनबाड़ी में दी जाने वाली समस्त सेवाओं के संचालन का पूरा अंकन किया जाएगा। इस संबंध में आईसीडीएस के उपनिदेशकों को मुख्यालय से फरमान मिल चुका है। उपनिदेशक की ओर से भी इस संबंध में परियोजना अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। कहा गया है कि इसकी पालना परियोजनावार जल्द करा लें। बाद में इसकी जांच की कराई जाएगी। जांच में यदि बिना सेवा सूची अंकन की कोई आंगनबाड़ी केन्द्र मिली तो इसके लिए संबंधित परियोजना केन्द्र के अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक आंगनबाड़ी केन्द्रों के बाहर इसमें संचालित सेवाओं की पट्टिका आदि नहीं लगाई जाती थी, लेकिन जायल, परबतसर, डेगाना एवं कुचामनसिटी आदि परियोजना क्षेत्रों मेें एसीबी की जांच में करोड़ों की पोषाहार गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद विभागीय स्तर पर यह फैसला लिया गया।
जिले में वर्तमान में करीब छोटे एवं बड़े सहित करीब कुल तीन हजार आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित होते हैं। इसमें पूरक पोषण आहार से लेकर स्वास्थ्य सेवाएं तक की गतिविधियां संचालित की जाती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब अपने-अपने केन्द्रों के बाहर संचालित सेवाओं की पट्टिका स्पष्ट एवं बड़े अछरों में लगानी पड़ेगी। केन्द्रों में संचालित सेवाओं के साथ ही इसमें वर्तमान में संचालित अभियान या चल रहे सरकारी योजनाओं की पूरी विस्तृत जानकारियों का भी अंकन कराया जाएगा। मसलन प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना क्या है, इसमें लाभान्वित होने े लिए क्या पात्रताएं होनी चाहिए, कैसे आवेदन करें सरीखी जानकारियां भी शामिल रहेंगी। ताकि केन्द्रों में आने वाले बच्चों के अभिभावक आदि भी आंगनबाड़ी में संचालित सेवाओं से अवगत हो सकें।
यह प्रमुख सेवाएं होती हैं केन्द्रों में संचालित
आईसीडीएस के अधिकारियों के अनुसार आंगनबाड़ी में मूलत: छ: प्रकार की सेवाएँ दी जाती हैं। इसमें पूरक पोषाहार, पोषण एवं स्वास्थ्य परामर्श, टीकाकरण, स्कूल - पूर्व शिक्षा, स्वास्थ्य जांच और संदर्भ सेवाएँ आदि शामिल हैं।
अब आंगनबाड़ी केन्द्रों में यह काम भी करना पड़ेगा
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने हाल ही में वीडियोकॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से हुई बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि अब केन्द्रों के बाहर संचालित सेवाओं की पट्टिका लगाने के साथ ही केन्द्रों में आने वाले बच्चों की संख्या का इंद्राज आंगनबाड़ी में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से करना पड़ेगा। इसमें तिथिवार बच्चों के आने की स्थिति का पूरा ब्योरा दर्ज करना पड़ेगा। ताकि रोजाना आने वाले बच्चों की सही वस्तुस्थिति विभाग के सामने आ सके। इस संबंध में केन्द्रों की ओर से लापरवाही बरतने जाने की स्थिति में जवाबदेह संबंधित अधिकारियों की होगी। केवल यही नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं आदि को भी अपनी गतिविधियों का रिकार्ड भी अब रखना होगा। इसकी यथासमय जांच की जाएगी।
इनका कहना है...
मुख्यालय से इस संबंध में आदेश प्राप्त हो चुका है। आंगनबाड़ी में संचालित सेवाओं की पट्टिका लगाए जाने के दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसकी पालना कराने के लिए परियोजना अधिकारियों को कहा जा चुका है। अब इसकी कुछ समय के बाद जांच की जाएगी। जांच में कोई भी केन्द्र बिना पट्टिका के पाया गया तो फिर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
का. वा. उपनिदेशक दुर्गासिंह उदावत
नागौर. आंगनबाड़ी