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आपको पासपोर्ट बनवाना है तो नहीं काटने पड़ेंगे जयपुर-जोधपुर के चक्कर, जानिए क्यों

नागौर में पासपोर्ट कार्यालय खुलने से स्थानीय लोगों को मिला लाभ, दस महीने में बनाए चार हजार पासपोर्ट

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नागौर. पासपोर्ट के लिए जयपुर व जोधपुर के चक्कर काटने वाले जिलेवासियों के लिए बीता साल सौगात लेकर आया। जिले में पासपोर्ट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी ने गत २४ फरवरी को गांधी चौक स्थित पोस्ट ऑफिस में पासपोर्ट केन्द्र का शुभारम्भ किया था।

पासपोर्ट कार्यालय में कार्यरत कार्मिक मांगीलाल विश्नोई ने बताया कि पूर्व में केवल जयपुर, जोधपुर व सीकर में ही पासपोर्ट बनाने की सुविधा उपलब्ध थी। जिसके कारण जिले के लोगों किराया लगाकर वहां जाना पड़ता था और कई बार नम्बर नहीं आने के कारण दो से तीन चक्कर काटने पड़ते थे। इसको देखते हुए सरकार ने पासपोर्ट सेवा केन्द्र का विस्तार करते हुए जिले में प्रदेश का छठा पासपोर्ट केन्द्र खोला गया, जिसमें नागौर की जनता को सीधा लाभ मिला। जिले के अलावा आसपास के नोखा, बिदासर तथा जिले की सीमा से लगते लोग पासपोर्ट बनाने के लिए नागौर आते हैं।

हर महीने बनते हैं सैकड़ों पासपोर्ट
विश्नोई ने बताया कि लोगो में पासपोर्ट बनाने को लेकर जबरदस्त उत्साह है, जिससे हर महीने करीब ४०० से ५०० आवेदन आते हैं। पासपोर्ट बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद ऑनलाइन मिली तिथि को पासपोर्ट केन्द्र पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद आवेदन सबमिट कर जयपुर ग्रेडिंग के लिए भेजा जाता है।

ये चाहिए दस्तावेज
पासपोर्ट के लिए आवश्यक दस्तावेजों में शैक्षणिक योग्यता के लिए मार्कशीट, जो ईसीएनआर के लिए आवश्यक है तथा जन्म तिथि व आवासीय पते के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, पीएसयू कार्ड, इलेक्ट्रिक बिल, बैंक या पोस्ट ऑफिस की पासबुक मेें से कोई एक आवश्यक होता है।