नागौर

फसल बीमा के नाम पर ठगे जा रहे गरीब किसान

नागौर. फसल-बीमा कराने एक ई-मित्र पर पहुंचे किसान को जब पता चले कि उसके खेत का बीमा तो किसी दूसरे व्यक्ति ने पहले ही करा लिया है तो उसकी हालत समझी जा सकती है। यानी उसके खेत के फसल बीमा से उसे किसी दूसरे ने वंचित कर दिया। फसल बीमा को लेकर आए दिन तरह-तरह की शिकायत मिल रही है। थानों के अलावा एसपी ही नहीं जिला कलक्टर तक कहीं अकेला तो कहीं पीडि़तों का हुजूम पहुंच रहा है।

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Oct 14, 2023
फसल-बीमा कराने एक ई-मित्र पर पहुंचे किसान को जब पता चले कि उसके खेत का बीमा तो किसी दूसरे व्यक्ति ने पहले ही करा लिया है तो उसकी हालत समझी जा सकती है। यानी उसके खेत के फसल बीमा से उसे किसी दूसरे ने वंचित कर दिया। फसल बीमा को लेकर आए दिन तरह-तरह की शिकायत मिल रही है। थानों के अलावा एसपी ही नहीं जिला कलक्टर तक कहीं अकेला तो कहीं पीडि़तों का हुजूम पहुंच रहा है।

डेरवा निवासी खींयाराम जाट ने हाल ही श्रीबालाजी थाने में इस बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब वह अपने खेत की भूमिका का फसल बीमा करवाने गया तो पता चला कि उसके दोनों खसरों पर लादूराम नामक व्यक्ति ने बीमा करवा दिया। नुकसान की बात तो समझ में आई पर उसके खेत की पॉलिसी करवाने के पीछे कागजात/आईडी/हस्ताक्षर कैसे करके यह हुआ। खींयाराम पहले एसपी के समक्ष पेश हुआ था, बाद में उनके आदेश पर यह मामला दर्ज हुआ। ऐसे ही अनेक मामले इन दिनों नागौर कलक्ट्रेट ही नहीं एसपी कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। कोई ई-मित्र के दस प्रतिशत कमीशन लेकर पूरा मुआवजा दिलाने की शिकायत कर रहा है तो कोई कह रहा है कि बीमा कम्पनी के सर्वेयर और कृषि विभाग के काङ्क्षरदे किसान तक पहुंचते ही नहीं हैं।

कुछ दिन पहले इसी तरह का पोटलिया मांजरा व ग्राम पंचायत रायधनु का एक मामला एसपी के समक्ष पहुंचा। इसमें वर्ष 2020-21, 2021-22 में भारी फर्जीवाड़ा होने की शिकायत दी गई। इसमें एक जने का उल्लेख करते हुए बताया गया कि फर्जी बटाईदार बनाकर फर्जीवाड़ा कर मुआवजा भी इसने उठा लिया। ना सिर्फ उपभोक्ताओं से आईडी लेकर फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की गई बल्कि इस व्यक्ति के भाई के ई-मित्र के जरिए यह सब गड़बड़ करने के आरोप लगे। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया गया कि कुछ लोगों को डरा-धमकाकर चुप करा दिया गया तो कुछ को पैसे दे दिए। लोगों ने समिति बनाकर इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
सूत्रों के अनुसार कुछ जगह गरीब व कम पढे लिखे किसानों से ठगी अथवा दलाली करने वाले उन्हें क्लेम दिलाने का लालच दिखाकर झांसे में ले रहे हैं। झूठ का सहारा लेकर अधिक फसल बीमा क्लेम दिलाने के लिए किसानों को झांसे में लेकर बीमित राशि की 10 प्रतिशत राशि एडवांस में जमा करवाने की बात सामने आ रही है। कई गांवों से ऐसी शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंच रही है। यहां तक कि किसानों को यह कहकर डराया जा रहा है कि ऐसा नहीं करने पर सब क्लेम से वंचित रह जाएंगे। गैरकानूनी ढंग से गरीब किसानों से ठगी की शिकायतें मिल रही है। गांव वाले तक कह रहे हैं कि बीमा कम्पनी के कर्मचारी सर्वेयर इन्हीं लोगों के साथ बैठकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

फरड़ोद निवासी हुकमाराम जाट ने बताया कि वर्ष 2021 में फसल कटने के बाद चक्रवाती बारिश के कारण फसल खराबे की रिपोर्ट टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन नंबर ही बंद मिला। बाद में जायल कृषि विभाग कार्यालय में रिलायंस इंश्योरेंस कम्पनी के प्रतिनिध को ऑफ लाइन शिकायत दर्ज करवाने गए तो पहले तो दर्ज ही नहीं कर रहे थे। बाद में फरड़ोद, तरनाऊ व सिलारियों गांव के बहुत से किसानों की मांग पर शिकायत तो दर्ज हुई पर ना कोई कार्रवाई हुई ना ही आज तक क्लेम मिला है। इस साल में फसल खराबे की फिर शिकायत की, लेकिन अभी तक ना तो सर्वे हुआ ना ही कोई आवश्यक कार्रवाई। गरीब किसान को ठग/दलाल लूट रहे हैं, उनके साथ अन्याय हो रहा है। किसान अणदाराम, उम्मेद ङ्क्षसह, संग्राम, अर्जुनराम, रामचंद्र, रामदेव आदि को वर्ष 2021 के फसल बीमा का मुआवजा अब तक नहीं मिला है।
सूत्र बताते हैं कि फर्जी लोगों के मुआवजे का भुगतान उठाने संबंधी तेरह मामले तो पुलिस थानों में दर्ज हो चुके हैं। ऐसे किसानों की लम्बी फेहरिस्त है, जिनके नाम का मुआवजा किसी अन्य ने उठा लिया या किसी अन्य ने उनके खेत का बीमा तक करा दिया। असल में थानों में दर्ज ऐसे मामलों की जांच भी ठीक ढंग से नहीं हो रही।
इनका कहना
&फर्जी बीमा अथवा मुआवजा उठना वाकई गंभीर बात है। ई-मित्र के यहां से बिना कागज-दस्तखत के बीमा कैसे हो रहा है। ई-मित्र वालों की मॉनिटङ्क्षरग भी होनी चाहिए। किसानों को जागरूक होना पड़ेगा, किसी भी लालच/झांसे में ना फंसे, विभाग पूरी तरह मदद करता है तो वे ऐसे किसी चक्कर में ना फंसे।
शंकरराम बेड़ा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, नागौर
&बीमा कम्पनी के सर्वेयर पूरी जांच करते हैं। फर्जी तरह से किसी दूसरे का फसल बीमा करवाना बड़े अचरज की बात है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों को ऐसी किसी धोखेबाजी/गड़बड़ी का पता चले तो वे इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराएं।
सुमित पारीक, जिला प्रतिनिधि, एआईसी बीमा कम्पनी, नागौर

Published on:
14 Oct 2023 09:25 pm
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