
mehngai
नावां शहर. सर्दी में लोगों की परेशानियां जीएसटी ने भी बढा दी है। कपड़ा और रुई के जीएसटी लगने से रजाई गद्दों का मूल्य बढ गया है। पिछले वर्ष लगभग आठ सौ रुपए से एक हजार रुपए तक रजाई मिल रही थी। जीएसटी लगने के पश्चात रजाई व गद्दें लगभग चार सौ रुपए महंगे हो गए है। जिससे यह हाल हो गए है कि लोग पुरानी रुई को पिनाई करवा कर काम चला रहे है। इस वर्ष नई रुई की रजाई खरीद काफी प्रभावित हुई है। इन दिनों सर्दी के बढने के साथ ही लोगों की ओर से रजाइयंा खरीदने का सिलसिला शुरु हुआ। बाजार में आकर रजाई गद्दों के भाव सुनते ही लोगों के पसीने छूट रहे है। रजाई पिनाई करने वाले नवाब खां ने बताया कि जीएसटी के कारण कपड़ा व रुई में पांच प्रतिशत बढाई होने के साथ ही धागा व सिलाई मशीनों के दामों में पच्चीस से तीस प्रतिशत बढोतरी हुई है। इसके साथ ही रुई बाहर से मंगवाने पर किराया भी काफी बढ गया है। जिसके चलते रजाई व गद्दें काफी महंगे हुए है। बाजार में एक हजार रुपए से पन्द्रह सौ रुपए तक रजाई की कीमत हो गई है जबकि पिछले वर्ष आठ सौ व हजार रुपए में रजाई मिल जाती थी। रजाई के भाव सुनने के बाद पुरानी रजाई की रुई पिनाई के कार्य काफी आ रहे है। नवाब खां ने बताया कि जीएसटी लगने के पश्चात महंगाई में काफी बढोतरी हुई है तथा लोग समय पर आवश्यकता का सामान भी खरीद नहीं पा रहे है।
देसी रुई का चलन हुआ अधिक
बाजार में देशी व फाइबर रुई का चलन है लेकिन लोग देसी रुई का उपयोग करना ज्यादा पसंद करते है। दोनों रुई को बाहर से मंगवाकर रजाई तैयार करवाई जाती है। जीएसटी के चलते दामों में बढोतरी होने से व्यापारियों का स्टॉक भी प्रभावित हो गया है। केवल रुई को पिनाई करने वाले श्रमिकों का काम चल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि रुई व कपड़े में जीएसटी से हुई बढोतरी के चलते महंगाई हुई है। सर्दी के बढने के बाद भी बाजार में रजाई को लेकर मंदी की मार झेल रहे है।
श्रमिक वर्ग अधिक खरीददार
उपखण्ड क्षेत्र में नमक की बड़ी मण्डी होने के चलते यहा हजारों की तादाद में श्रमिक कार्य करते है। लगभग सत्तर प्रतिशत श्रमिक अस्थाई होने के चलते हर वर्ष अनकी खरीदारी निकलती है। गरीब तबके के श्रमिक आवश्यकता के अनुसार बाजार में निकलते है। महंगाई से श्रमिक वर्ग काफी परेशान हुए है। श्रमिक रजाई गद्दों के भाव सुनकर ही वापस लौट जाते हैं।
Published on:
28 Dec 2017 12:52 pm
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
