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Rajasthan: बीजेपी-आरएलपी के बीच बढ़ा सियासी टकराव, मदन राठौड़ को दिखाए काले झंडे, 9 कार्यकर्ता हिरासत में

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कुचामन दौरे पर सियासी बवाल खड़ा हो गया। रालोपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। भेराना धाम विवाद और तीखी बयानबाजी के बीच भाजपा-आरएलपी की राजनीतिक जंग अब सड़क पर दिखने लगी है।

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नागौर

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Kamal Mishra

May 29, 2026

Madan Rathore and Hanuman Beniwal

मदन राठौड़ और हनुमान बेनीवाल (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

नागौर। कुचामन सिटी में शुक्रवार को भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के बीच राजनीतिक तनातनी खुलकर सामने आ गई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को आरएलपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाया और 9 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने कुचामन पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही पहले से मौजूद रालोपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति बिगड़ती देख तुरंत मोर्चा संभाला और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल से दूर किया।

आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेती पुलिस :

भाजपा-आरएलपी के बीच बयानबाजी तेज

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से भाजपा और आरएलपी नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। भेराना धाम मामले को लेकर दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ लेने के आरोप लगाए हैं। इसी विवाद की गर्मी अब सड़क तक पहुंचती नजर आ रही है।

ज्योति मिर्धा ने बोला तीखा हमला

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने नागौर सांसद और रालोपा संयोजक हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोला है। मिर्धा ने आरोप लगाया कि आरएलपी ने धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले से साधु-संतों की मांगों के समाधान में लगी हुई थी, लेकिन आरएलपी ने आंदोलन को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

हनुमान बेनीवाल की भाषा शैली पर सवाल

मिर्धा ने बेनीवाल की भाषा शैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक भी विधायक नहीं होने के बावजूद बेनीवाल खुद को मुख्यमंत्री की तरह पेश करने की कोशिश करते हैं। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंचों पर की गई कुछ टिप्पणियां राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं थीं।

नागौर जिलाध्यक्ष ने भी लगाए थे अभद्र भाषा के आरोप

इधर, भाजपा संगठन भी लगातार आरएलपी पर हमलावर है। भाजपा नागौर जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया ने हाल ही में आरोप लगाया था कि सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा था कि राजनीति में विरोध जरूर होना चाहिए, लेकिन भाषा की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।