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Rajasthan High Court: कश्मीरी बीवी को बंधक बनाने का मामला, CRPF की मदद से ढूंढ़ने का दिया आदेश

नागौर के जितेंद्र सिंह ने कश्मीरी युवती शकीला से प्रेम विवाह किया था, लेकिन आरोप है कि परिजन उसे जबरन वापस ले गए और बंधक बना लिया। ऐसे में अब राजस्थान हाईकोर्ट ने CRPF और अर्धसैनिक बलों को शकीला को ढूंढने का जिम्मा सौंपा है।

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Nagaur News: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बालिग महिला को कथित रूप से बंधक बनाए जाने के मामले में गंभीर रुख अपनाया है। मामला जम्मू-कश्मीर की एक युवती शकीला से जुड़ा है, जिसने अपनी इच्छा से नागौर निवासी युवक जितेंद्र सिंह के साथ विवाह किया था। बताया जा रहा है कि विवाह के कुछ समय बाद ही शकीला के परिजनों पर समाज के लोगों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।

इसके बाद परिजनों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस में युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। कार्रवाई करते हुए पुलिस शकीला को वापस जम्मू-कश्मीर ले गई। आरोप है कि घर लौटने के बाद उसके परिवारजन उस पर अपने ही समाज के युवक से दूसरी शादी करने का दबाव बना रहे थे।

जम्मू में शुरू हुई थी प्रेम कहानी

जितेंद्र सिंह साल 2023 में जम्मू में एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर थे। वहां उनकी मुलाकात शकीला और उसकी मां रेशमा से हुई। धीरे-धीरे जितेंद्र और शकीला के बीच दोस्ती प्यार में बदल गई। परिवार की शुरुआती नाराजगी के बाद दोनों लिव-इन में रहने लगे। जितेंद्र ने शकीला के परिवार की आर्थिक मदद भी की।

मंदिर में शादी और फिर शुरू हुआ विवाद

16 फरवरी 2025 को दोनों ने पंजाब के फिरोजपुर के एक मंदिर में शादी कर ली और कोर्ट में बयान दर्ज कराकर राजस्थान आ गए। लेकिन शकीला के परिजन इस शादी से खुश नहीं थे। उन्होंने जम्मू के सतवारी थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। 22 फरवरी 2025 को जम्मू पुलिस राजस्थान पहुंची और शकीला को वापस ले गई। जितेंद्र का आरोप है कि पुलिस और परिजनों ने उनकी एक न सुनी।

अगवा और जबरन दूसरी शादी का आरोप

जितेंद्र ने बताया कि अक्टूबर 2025 तक उनकी शकीला से फोन पर बात होती रही। शकीला ने वीडियो भेजकर बताया था कि घरवाले उसकी मर्जी के खिलाफ दूसरी शादी करना चाहते हैं। इसके बाद जितेंद्र ने हाईकोर्ट में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका' (Habeas Corpus) दायर की।

राजस्थान पुलिस को नहीं मिला सहयोग

एडिशनल एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि शकीला अभी जम्मू-कश्मीर में है। जब राजस्थान पुलिस की टीम शकीला को ढूंढने कश्मीर के अनंतनाग पहुंची, तो वहां की स्थानीय पुलिस ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। पुलिस का कहना है कि इलाका आतंक प्रभावित होने के कारण सर्च ऑपरेशन में दिक्कतें आईं।

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि एक बालिग महिला की सुरक्षा सबसे ऊपर है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अब CRPF और सेंट्रल फोर्सेज की मदद से संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाकर शकीला को तलाशा जाए। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को होगी।