
नागौर। प्रदेश में न सरकारी स्प्रिट की चोरी रुक रही न ही उससे बनने वाली अवैध शराब। स्प्रिट लाने वाले सरकारी टैंकरों पर ताला मगर ड्राइवर-खलासी हाईवे के तय ठिकानों पर स्प्रिट बेचकर चांदी काट रहे हैं। इस स्प्रिट से अवैध देसी शराब बनाकर बेची जा रही है, जो कभी भी जानलेवा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार नागौर जिले में पिछले दो साल में 36 से ज्यादा स्थानों पर स्प्रिट चोरी के साथ देसी शराब बनाने का खुलासा हुआ है।
यहां हजारों लीटर वो स्प्रिट बरामद हुई जो सरकारी कारखाने के लिए रवाना की गई पर बीच रास्ते देशी शराब के अवैध कारोबारियों को सप्लाई कर दी गई। पत्रिका की पड़ताल में आबकारी विभाग ने नागौर के अलावा किशनगढ़, नसीराबाद, सीकर तक में स्प्रिट की कालाबाजारी की बात स्वीकारी। यहां करीब दो लाख लीटर से अधिक चोरी की गई स्प्रिट बरामद हुई। नकली व अवैध शराब के वो कारखाने भी पकड़े गए जहां शराब बनाई जाती है।
यहां ब्रांडेड कम्पनी के बोतल/पव्वे, ढक्कन व शराब में डालने वाला रंग तक बरामद हुआ मगर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर इतिश्री हो जाती है। खास बात है कि कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए की जाती है, अवैध कारोबार चलता रहता है।
सूत्रबताते हैं कि नावां, परबतसर, कुचामन, मकराना, लाडनूं, नागौर, डीडवाना, पांचौड़ी, चितावा में लाइसेंसी स्प्रिट की चोरी के साथ देसी शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी गईं। नागौर (डीडवाना-कुचामन) में 35 मामलों में टैंकर/पिकअप के साथ स्प्रिट ही नहीं नकली शराब पैक करने सहित अन्य सामग्री भी पकड़ी। जिले से बाहर किशनगढ़, नसीराबाद, सीकर में छह मामले दर्ज कर स्प्रिट व कई ब्रांड के साथ अन्य सामग्री बरामद की।
स्प्रिटकी सरकारी रेट पचास रुपए प्रति लीटर है। इसकी सांद्रता व तेजी के हिसाब से पानी मिलाने पर करीब पौने तीन लीटर देसी शराब बनती है। यह अवैध देसी शराब जोधपुर समेत अन्य जिलों में सप्लाई होती है। कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन के तहत कार्रवाई का अधिकार पुलिस के पास है। संबंधित कम्पनी या जिम्मेदार की ओर से एफआइआर दर्ज नहीं कराने से कार्रवाई नहीं होती।
हाईवेपर होटल-ढाबों से लेकर अवैध शराब के कारोबारियों तक स्प्रिट हरियाणा-पंजाब से पहुंच रही है। स्प्रिट से भरे टैंकर पर इस तरह ताला लगाया जाता है कि स्प्रिट निकले नहीं। इसका भी तोड़ निकालकर स्प्रिट चोरी कर ड्रमों में भरकर बेची जा रही है। जितनी स्प्रिट निकाली जाती है उतना ही पानी भर दिया जाता है।
नागौर के साथ डीडवाना, किशनगढ़, नसीराबाद, सीकर तक स्प्रिट चोरी व नकली शराब के बनाने के पचास मामले पकड़े। अब जीपीएस, रूट सिस्टम के जरिये टैंकरों पर नजर रखी जाएगी।
-मनोज बिस्सा, जिला आबकारी अधिकारी नागौर
Updated on:
24 Oct 2024 12:40 pm
Published on:
22 Oct 2024 11:59 am

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