
मोतीराम प्रजापत
Nagaur News: चौसला (नागौर)। अक्सर लोगों को एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए वाहन आदि से जाना पड़ता है, लेकिन सोचिए, अगर आप ऐसे मकान में रहते हैं, जिसकी दहलीज पर कदम रखते ही दूसरे जिले में पहुंच जाएं तो कैसा लगेगा? यह बात सुनने में अजीब है लेकिन यह सच है।
नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले और जयपुर जिले की सीमा पर एक ऐसा मकान है, जहां मकान नागौर जिले में है और प्रवेशद्वार जयपुर जिले में खुलता है। मकान की दहलीज के सामने सड़क के एक ओर नागौर जिला लगता है और दूसरी तरफ जयपुर जिला।
मजेदार बात यह है कि एक ही घर में तीनों भाई अलग-अलग जिलों के हैं। मुनाराम चोपड़ा के सभी सरकारी दस्तावेज नागौर जिले के हैं, जबकि उसके भाई सुवाराम और कानाराम के दस्तावेज जयपुर जिले के हैं। जिले के चौसला गांव से तीन किमी दूर दोनों जिलों की सीमा पर जयपुर जिले के त्योद गांव के रहने वाले सुवाराम ने 2010 में खेत की जमीन खरीदी थी। फिर यहीं घर बना लिया। सुवाराम के साथ दो भाई भी परिवार सहित रहते हैं।
परिवार में कोई सरकारी कागजात बनवाना हो तो एक भाई को नावां (नागौर- डीडवाना-कुचामन) जाना पड़ता है और दो भाइयों को सांभर (जयपुर जिला) जाना पड़ता है।
-मूनाराम चोपड़ा
Published on:
29 Dec 2024 10:18 am
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