
Nagaur. Mahant Murliram Maharaj delivering discourses at the Satsang at Rampol Satsang Bhawan
नागौर. रामपोल सत्संग भवन में सत्संग में कथावाचक संत रमताराम महाराज ने कहा कि कलयुग में राम का नाम ही सर्वश्रेष्ठ है। गोस्वामी तुलसीदास महाराज ने कहा कि रामचरित मानस में विविध प्रसंगों में भगवान श्रीराम के नाम की महत्ता समझाई है। भगवान राम ने तो एक अहिल्या का उद्धार किया, लेकिन राम नाम के प्रभाव से अनेक दर्जनों की कुमति को सुधार दिया। भगवान श्रीराम का नाम इतना बड़ा है कि इस नाम से ही संसार के सागर को पार किया जा सकता है। राम नाम के प्रभाव से विकार रूपी राक्षसों का नाश किया जा सकता है। राम नाम बहुत छोटा मंत्र है, लेकिन व्यक्ति की साधना को पूर्ण करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। रामनामी महंत मुरलीराम महाराज ने कहा कि कलयुग में राम नाम की ही प्रधानता है। राम रूप में ही पूरी रामायण समाहित है। कलयुग में एक तो सत्य का आचरण और राम का सुमिरन करने वाले को कोई पराजित नहीं कर सकता है। इसमें साध्वी मोहनी बाई, बाल संत रामगोपाल महाराज, नंदलाल प्रजापत, कांतिलाल कंसारा, ललित कुमार कंसारा, आनंद,, महेश कंसारा, मदन मोहन बंग, राजाराम तोषनीवाल, कमल तोषनीवाल आदि मौजूद थे।
सौ पौधों को लगाकर समझाई इसकी महत्ता
नागौर. इंडियन रेडक्रास सोसायटी की ओर से चूंटीसरा में पूनियों की ढाणियों में तेजाजी मंदिर, रामदेव मंदिर एवं संस्कृत विद्यालय के पास शीशम, नीम आदि के 100 पौधे लगाए गए। इनके सार-संभाल का जिम्मा स्कूल संचालक एवं ग्रामीणों को दिया गया। इस दौरान संस्था के चेयरमैन रामप्रकाश मिर्धा ने पौधों की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसमें सचिव मि_ूराम ढांका, भंवरराम ढांका, नारायण, घनश्याम एवं हनुमान भाकर आदि मौजूद थे।
विधालय में पौधरोपण
नागौर. निकटवर्ती राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुखनाडिया के स्कूल में शिक्षको-अभिभावकों ने पौधारोपण किया। इस दौरान पर्यावरण में पेड़ों की महत्ता समझाने के साथ ही इनके सार-संभाल पर बल दिया गया। इसमें गोपाराम, कैलाश, रमेश एवं अभिभावक तेजाराम, श्रवणराम, अर्जुन, भंवरा राम, राकेश, मंगलाराम, कोजाराम, भगताराम, पदमाराम आदि मौजूद थे।
Published on:
31 Jul 2021 10:12 pm
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