
Record of 70 percent tehsils of the state online
नागौर. किसानों एवं खातेदारों को छोटे-छोटे कामों के लिए पटवारी व अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर नहीं काटने पड़े, इसके लिए राज्य सरकार प्रदेश की सभी तहसीलों का राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की कवायद में जुटी है। हालांकि यह कार्य काफी समय से चल रहा है, लेकिन पिछले 21 महीने में इस कार्य में तेजी लाई गई है। यही वजह है कि दिसम्बर 2019 के बाद प्रदेश की 175 तहसीलों का राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा चुका है, जबकि कुल ऑनलाइन तहसीलों की संख्या 235 हो गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में कुल 338 तहसीलें हैं।
राजस्व रिकॉर्ड का कम्प्यूटरीकरण होने के बाद किसानों को खातेदारी जमीन की नकल, गिरदावरी नकल सहित अन्य कार्यों के लिए पटवारियों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रहेगी, वहीं पटवारियों पर भी काम का बोझ कम होगा। वहीं दूसरी तरफ जमीनों का फर्जीवाड़ा भी कम होगा। कोई भी अधिकारी किसी भी व्यक्ति का रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकेगा। इसी को देखते हुए इस कार्य को तेजी से पूरा करवाया जा रहा है। साथ ही राजस्व विभाग के तरमीम, नामांतरण व अपवादित खातों के लम्बित प्रकरणों का निस्तारण भी ‘स्पीड’ से करवाया जा रहा है। खास बात यह है कि राजस्व विभाग में निचले स्तर से ऊपरी स्तर तक प्रकरणों का डिस्पोजल करने के लिए मंत्री खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
एसडीएम कार्यालय में लगाए अतिरिक्त कर्मचारी
प्रकरणों में निस्तारण में राजस्व विभाग के सामने जब उपखंड अधिकारियों के कार्यालय में स्टाफ की कमी की समस्या आई तो मंत्री स्तर पर चर्चा के बाद अतिरिक्त कर्मचारी लगाने की स्वीकृति दी जा चुकी है।
235 तहसीलों का राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन
राजस्व के क्षेत्र में हम कई नवाचार कर रहे हैं। राजस्व से जुड़े जो लम्बित प्रकरण हैं, उनका निस्तारण करने के लिए वे खुद प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश की 175 तहसीलों को हमने ऑनलाइन करवाया है, जबकि कुल ऑनलाइन तहसीलों की संख्या 235 हो चुकी है। साथ ही तरमीम, नामांतरण व अपवादित खाते के करीब साढ़े 25 लाख प्रकरणों में से साढ़े 23 लाख से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
- हरीश चौधरी, राजस्व मंत्री, राजस्थान सरकार
Published on:
06 Oct 2020 11:07 am
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