
मूण्डवा में बाइपास की करीब साढ़े तीन किलोमीटर की लम्बाई है, जिसमें आठ मोड़ है। यहां चार मोड़ तो ऐसे है जहां थोड़ी सी असावधानी से बड़ी दुर्घटना होना आमबात है। पंजाबी बाबा की प्याऊ पर चौराहे से समकोण बनाती हुई चार सडक़ें हैं। यहां से बाइपास निकलता है वहां सडक़ के किनारे होटलों में दिन रात लोगों का जमघट लगा रहता है। यहां दुर्घटना होने पर बड़ी जनहानि हो सकती है। इसी बाइपास पर रोल गांव को जोडऩे वाली सम्पर्क सडक़ के पास यू आकार में मोड़ है। यह मोड़ काफी खतरनाक है। यहां ढलान होने के कारण वाहन चालक को सम्भलने का मौका तक नहीं मिलता। इस मोड़ पर गति अवरोधक तो बने हुए हैं पर मोड़ पर के कारण दुर्घटना रोकने में मददगार नहीं है। इस मोड़ के अलावा अन्य सात मोड़ों पर कोई गति अवरोधक नहीं है। इसी तरह भडाणा गांव में लगभग दो किलोमीटर की लम्बाई में तीन खतरनाक मोड़ है, जहां दुर्घटना होना आम है। इन तीनों मोड़ों पर हर माह दुर्घटना होती रहती है। बीच के मोड़ पर जनहानि तक हो चुकी है।
हादसे आम बात
मूण्डवा तथा भडाणा के बाइपास पर वाहनों के पलटने, आमने-सामने टकराने की दुर्घटनाएं होनी रहती है। भडाणा गांव में रामझुंपड़ा आश्रम के पास एक बार हादसे में मोटरसाईकिल सहित उस पर सवार तीन लोग जिन्दा जल गए थे। इस दौरान तत्कालीन जिला कलक्टर एस.एस. बीस्सा ने मौके पर पहुंचकर गोळाई में सडक़ की चौड़ाई बढ़वाने के निर्देश दिए। उसके बाद काम हुआ भी पर वर्तमान में मूण्डवा तथा भडाणा में बाइपास का काम अधूरा पड़ा है
...कब बनेंगे बाइपास
इनाणा गांव में बाइपास प्रस्तावित है पर यहां भी काम ठप पड़ा है। दूसरी ओर भडाणा गांव में करीब डेढ़ साल पहले बाइपास के लिए तहसीलदार ने पुलिस जाप्ते के साथ जमीन खाली करवाकर जीवीआर को सौंपी पर आज तक काम शुरू नहीं हुआ। इसके चलते लोग फिर से काबिज हो गए।
खतरा यहां भी
राष्ट्रीय राजमार्ग- 89 पर केवल बाइपास के मोड़ ही खतरनाक नहीं है इसके अलावा गांवों में भी कई खतरनाक मोड़ हैं। मूण्डवा के पास ज्ञान तालाब, खेंण फांटा, इनाणा के हरचंद तालाब, इनाण गांव, बड़माता मन्दिर, झूंझाला गांव, गोठड़ा तथा फिरोजपुरा मार्ग पर भी गति अवरोधक नहीं होने के कारण हादसे हो चुके हैं।
गति अवरोधक नहीं
मूण्डवा बाइपास पर 7 तथा भडाणा गांव के बाइपास पर 3 खतरनाक मोड़ हैं। इनमें से केवल दो मोड़ों पर ही गति अवरोधक बने हैं अन्य स्थानों पर गति अवरोधक नहीं होने के कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसके अलावा बाइपास पर डिवाइडर नहीं होने के कारण तेज गति से आने वाले वाहन सामने आने वाले वाहन की तरफ चले जाते हैं। इसके कारण भी कई बार वाहन आमने-सामने भिड़ते हैं। मूण्डवा के पंजाबी बाबा की प्याऊ के चौराहे तथा कुचेरा चौराहे तथा भडाणा गांव में सम्पर्क सडक़ पर भी डिवाइडर व चौराहे विकसित नहीं होने के कारण हादसे रहते हैं।
यातायात पुलिस भी नहीं
यहां के व्यस्तम चौराहे व बस स्टैंड पर यातायात पुलिस तैनात नहीं होने के कारण नियमों का उल्लंघन कर वाहन चालकों को टोकने वाला कोई नहीं है। यातायात के दबाव को देखते हुए यहां यातायात पुलिस की मांग कई बार विभिन्न मंचों पर उठाई गई पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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