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Fashion Legend: ऐश्वर्या, प्रियंका, दीपिका और सोनम के ड्रीम डिजाइनर का निधन, दुनिया को दिया ‘लाल’ रंग का जादू

Legacy:ऐश्वर्या राय और सोनम कपूर जैसी भारतीय अभिनेत्रियों के पसंदीदा रहे दिग्गज इतालवी फैशन डिजाइनर वैलेंटिनो गारवानी के जाने से फैशन जगत के एक स्वर्णिम और 'हाउट कूट्योर' युग का अंत हो गया है।

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भारत

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MI Zahir

Jan 20, 2026

Valentino India Connection

वैलेंटिनो गारवानी के डिजाइन किए लिबास में भारतीय अभिनेत्रियां। (फोटो: AI Gwenerated)

Iconic: भारत सहित फैशन की दुनिया के कई दशों को 'लाल' रंग देने वाले एक सुनहरे युग का अंत हो गया है। अपने खास डिजाइनों से दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाले दिग्गज इतालवी डिजाइनर वैलेंटिनो गारवानी (IValentino Garavani passed away) ने हॉलीवुड, बॉलीवुड (Valentino Indian Celebrity Connection)और दुनिया के सबसे बड़े राजघरानों तक धाक जमाई थी। उनका सोमवार को रोम में निधन हो गया। 93 वर्षीय वैलेंटिनो ने अपने घर पर अंतिम सांस ली। उन्हें फैशन की दुनिया में "अंतिम सम्राट" (The Last Emperor) के रूप में जाना जाता था। वैलेंटिनो का भारत से नाता सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि रचनात्मक भी था। भारतीय सितारों ने वैश्विक मंचों पर उनके डिजाइनों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

ऐश्वर्या राय और कान्स का जादू (Aishwarya Rai Valentino Red Gown)

भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन कई बार 'कान्स फिल्म फेस्टिवल' के रेड कार्पेट पर वैलेंटिनो के गाउन्स में नजर आईं। उन्होंने भारतीय सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर वैलेंटिनो की क्लासिक शैली के साथ जोड़कर पेश किया।

सोनम कपूर का 'फ्रंट रो' रिश्ता (Sonam Kapoor Fashion Icon)

भारत की 'फैशन डीवा' सोनम कपूर और वैलेंटिनो का रिश्ता बहुत खास रहा है। सोनम अक्सर पेरिस और रोम में होने वाले वैलेंटिनो के फैशन शोज में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होती रही हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं के बीच वैलेंटिनो के 'हाउट कूट्योर' को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा (Valentino Red Design Specialty)

मेट गाला (Met Gala) से लेकर ऑस्कर की पार्टी तक, इन वैश्विक भारतीय अभिनेत्रियों ने कई बार वैलेंटिनो के बोल्ड और रेड कारपेट फ्रेंडली डिजाइनों को चुनकर दुनिया को दिखाया कि भारतीय कलाकारों पर इतालवी कूट्योर कितना जमता है।

अंबानी परिवार और बिजनेस लिंक

भारत के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक, अंबानी परिवार की शादियों और कार्यक्रमों में वैलेंटिनो के कपड़ों की विशेष झलक मिलती है। रिलायंस ब्रांड्स (RBL) ने ही भारत में वैलेंटिनो के एक्सक्लूसिव स्टोर खोलकर इस ब्रांड को भारतीय बाजार का हिस्सा बनाया।

भारतीय कला का कनेक्शन

बहुत कम लोग जानते हैं कि 'किंग ऑफ कूट्योर' कहे जाने वाले वैलेंटिनो का भारत और भारतीय कलाकारों से कितना गहरा और अटूट रिश्ता था। आइए जानते हैं उनके डिजाइनों की खासियत और भारत से उनके खास कनेक्शन के बारे में।

फैशन डिजाइनर वैलेंटिनो गारवानी। (फोटो: X Handle/ @gucci)

वैलेंटिनो के डिजाइनों की जादुई खासियत

वैलेंटिनो गारवानी के कपड़े केवल परिधान नहीं, बल्कि 'पहने जाने योग्य कला' (Wearable Art) थे। उनके डिजाइनों की तीन प्रमुख विशेषताएं उन्हें दुनिया में सबसे अलग बनाती थीं:

'वैलेंटिनो रेड' (Valentino Red): उन्होंने लाल रंग को फैशन की दुनिया में एक नया दर्जा दिया। उनका मानना था कि लाल रंग आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। बार्सिलोना के एक ओपेरा से प्रेरित होकर उन्होंने अपना खास शेड बनाया, जिसे दुनिया आज 'वैलेंटिनो रेड' कहती है।

कालातीत शालीनता (Timeless Elegance): वैलेंटिनो ने कभी भी शॉर्ट-टर्म ट्रेंड्स का पीछा नहीं किया। उनके द्वारा 1960 में डिजाइन की गई ड्रेस आज 2026 में भी उतनी ही आधुनिक और सुंदर लगती है। वे स्त्रीत्व (Femininity) को उभारने के लिए रेशम, शिफॉन और रिबन (Bows) का जादूई इस्तेमाल करते थे।

राजसी पसंद: अमेरिका की प्रथम महिला जैकलीन कैनेडी से लेकर राजकुमारी डायना तक, उनके कपड़ों ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं को एक 'रॉयल' पहचान दी।

'वैलेंटिनो रेड' और सुंदरता की खोज

वैलेंटिनो केवल एक डिजाइनर नहीं, बल्कि सुंदरता के उपासक थे। साल 1960 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले गारवानी ने 'लाल' रंग को फैशन की नई परिभाषा दी। जिसे आज दुनिया 'वैलेंटिनो रेड' के नाम से जानती है, वह उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी। उनका मानना था कि लाल रंग एक महिला के चेहरे पर चमक और आत्मविश्वास भर देता है। उनके सिग्नेचर डिजाइनों में बारीक कढ़ाई, रिबन और क्लासिक नारीत्व की झलक हमेशा दिखाई देती थी।

जैकलीन कैनेडी से राजकुमारी डायना तक के पसंदीदा

वैलेंटिनो का जादू पूरी दुनिया के प्रतिष्ठित चेहरों पर सर चढ़कर बोलता था। अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला जैकलीन कैनेडी उनकी सबसे बड़ी प्रेरणास्रोत थीं। उन्होंने ही जैकलीन की शादी के लिए प्रतिष्ठित सफेद लेस वाली पोशाक तैयार की थी। इसके अलावा, राजकुमारी डायना, एलिजाबेथ टेलर, जूलिया रॉबर्ट्स और केट ब्लैंचेट जैसी हस्तियां उनकी कलाकृति और दोस्ती की कायल थीं।

शून्य से साम्राज्य तक का सफर

11 मई 1932 को मिलान के पास जन्मे वैलेंटिनो ने बचपन में एक फिल्म देखकर डिजाइनर बनने का सपना बुना था। अपने साथी जियानकार्लो जियामेट्टी के साथ मिलकर उन्होंने एक ऐसा साम्राज्य खड़ा किया, जिसने इतालवी फैशन को पेरिस के बराबर लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने अरमानी और वर्साचे जैसे ब्रांडों के लिए वैश्विक रास्ता तैयार किया। साल 2008 में रिटायर होने के बाद भी, वे ओपेरा और विशेष हस्तियों के लिए कलाकृतियां बनाते रहे।

वे सुंदरता के अंतिम प्रतीक थे

अरमानी और अन्य दिग्गज: फैशन डिजाइनर जियोर्जियो अरमानी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "वैलेंटिनो ने इतालवी शैली को जो गरिमा दी, वह कोई और नहीं दे सका। वे सुंदरता के अंतिम प्रतीक थे।"

हॉलीवुड हस्तियां: ऐनी हैथवे और सारा जेसिका पार्कर जैसे सितारों ने सोशल मीडिया पर उनके साथ बिताए पलों को याद किया और उन्हें एक 'सच्चा आइकॉन' बताया।

अंतिम संस्कार की तैयारियां

वैलेंटिनो के अंतिम संस्कार की तैयारियां रोम में की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि उनके सम्मान में पेरिस और मिलान फैशन वीक में विशेष श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा सकती हैं। उनके द्वारा स्थापित 'फोंडाज़ियोन वैलेंटिनो गारवानी' उनके ऐतिहासिक डिजाइनों को संरक्षित करने का काम जारी रखेगा।

उनके पांच कुत्ते उनके साथ निजी जेट में सफर करते थे

वैलेंटिनो को उनके काम के अलावा उनके पग कुत्तों (Pug Dogs) के प्रति प्रेम के लिए भी जाना जाता था। उनके पांच कुत्ते उनके साथ निजी जेट में सफर करते थे। उनका निजी जीवन बहुत अनुशासित और विलासितापूर्ण था, लेकिन वे अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहे। वे कहते थे, "सफलता तंग सूट की तरह हो सकती है, लेकिन शालीनता हमेशा कालातीत रहती है।"

भारतीय कारीगरी और 'मेक इन इंडिया' का सम्मान

वैलेंटिनो गारवानी अक्सर भारतीय हस्तशिल्प की तारीफ करते थे। उनके कई महंगे और जटिल डिजाइनों में इस्तेमाल होने वाली कढ़ाई (Embroidery) और धागे का काम भारत के चतुर कारीगरों द्वारा किया जाता था। वे जानते थे कि जो फिनिशिंग और हाथ की कलाकारी भारत के गुजरात या पश्चिम बंगाल के कारीगरों के पास है, वह दुनिया में कहीं और मिलना मुश्किल है।

फैशन के एक युग का समापन

वैलेंटिनो का जाना फैशन जगत के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन उनकी विरासत उनके डिजाइनों के जरिए हमेशा जिंदा रहेगी। भारत के लिए वे एक ऐसे डिजाइनर थे, जिन्होंने पश्चिम के फैशन को भारतीय कारीगरी और भारतीय चेहरों के साथ खूबसूरती से जोड़ा।

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