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नागौर में चलता है एक ऐसा भी स्कूल, जहां जाने के बाद करता है बार-बार जाने का मन…

राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन द्वारा भामाशाहों के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित स्कूल

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School operated for needy children by Patrika and Sharda Baal niketan

School operated for needy children by Patrika and Sharda Baal niketan

नागौर. जिला मुख्यालय की नायक कच्ची बस्ती में राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में भामाशाहों के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित किए जा रहे स्कूल में मंगलवार को पतंजलि योग ? समिति की ओर से कार्यक्रम किया गया। समिति के जिलाध्यक्ष सीताराम ताण्डी ने स्कूल में पढऩे वाले बच्चों से सवाल-जबाव किए। ताण्डी ने बच्चों व उनके अभिभावकों को योगाभ्यास करवाते हुए विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास करवाया। उन्होंने नियमित योग के फायदों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शिक्षक लक्ष्मीकांत बोहरा को बच्चों की क्षमता के अनुसार करवाए जाने वाली योग क्रियाओं की जानकारी दी। ताण्डी ने घर से लेकर आस-पास के क्षेत्र में साफ-सफाई रखने की बात पर विशेष जोर दिया।

धीरे-धीरे बढ़ रहा कारवां
राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन की ओर से जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित किए जा रहे नि:शुल्क स्कूल को लेकर पतंजलि के पदाधिकारियों ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के लिए शुरू की गई मुहिम काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि स्कूल में लगातार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज से करीब डेढ़ वर्ष यही बच्चे गंदे व फटे कपड़ों में भीख मांगते थे व कचरा बीनने जाते थे। जिसको लेकर राजस्थान पत्रिका ने पहले इस बस्ती में बच्चों का सर्वे किया। जिसमें डोर टू डोर जाकर करीब दो परिवारों से सवाल जबाव किए। उनसे पूछा कि बच्चे स्कूल पढऩे क्यो नहीं जाते। जिस पर अभिभावकों ने बताया कि बस्ती में सरकारी स्कूल नहीं है और हम निजी स्कूलों की फीस वहन नहीं कर सकते हैं। जिसके बाद से राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन की ओर से बच्चों के लिए भामाशाहों के सहयोग से नि:शुल्क स्कूल संचालित की जा रही है।

स्वदेशी वस्तुएं ही खरीदें
कार्यक्रम में योग समिति के अध्यक्ष ने बच्चों व उनके अभिभावकों को स्वदेशी व विदेशी वस्तओं के बारे में जानकारी देते हुए विदेशी वस्तुओं का त्याग करने व स्वदेशी अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में मौजूद योग समिति के तहसील प्रभारी कमल सोनी ने बच्चों व उनके अभिभावकों को नशा नहीं करने और बीड़ी, सिगरेट व तम्बाकू नहीं खाने का संकल्प दिलाया। इसके बाद टीम ने बच्चों को पतंजलि के खाद्य पदार्थ वितरित किए। शिक्षक लक्ष्मीकांत बोहरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर पतंजलि योग समिति के योग शिक्षक महेन्द्र सोनी व सहयोगी सुनील मिश्रा मौजूद थे।