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‘भूतघर’ बने स्कूलों में फिर गूंजेगा बच्चों का शोर

गत दो वर्षों में जिले के 296 सरकारी स्कूलों पर लटका दिया था सरकार ने ताला  

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Schools closed by integration will start again in nagaur district

Schools closed by integration will start again in nagaur district

देवेन्द्र प्रताप सिंह/ नागौर. जिले में एकीकरण और समानीकरण के नाम पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में समायोजित करने के बाद ‘भूतघर’ बने इन सरकारी विद्यालयों की शिक्षा विभाग ने फिर से सुध ली है। प्रदेश भर से विभिन्न विद्यालयों के पुन: संचालन की परियोजनाओं के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 737 नागौर जिले के चार विद्यालय को एकीकरण से मुक्त करने का फैसला लिया है। अब ये विद्यालय स्वतंत्र रूप से संचालित किए जा सकेंगे। कम नामांकन, शिक्षकों के समानीकरण और एकीकरण की प्रक्रिया अपनाने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश में हजारों प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को पास के ही उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मर्ज कर दिया था। जिन उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पर्याप्त कक्षा-कक्ष थे वहां मर्ज किए गए विद्यालयों के विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं।

प्रदेश के 737 विद्यालयों को एकीकरण से मुक्त कर दिया है

नागौर जिले सहित प्रदेशभर में एकीकरण के नाम पर राज्य सरकार ने प्रारम्भिक शिक्षा के हजारों सरकारी स्कूलों पर ताला लगा दिया था। एकीकरण के दौरान बंद किए गए विद्यालयों को लेकर लोगों ने काफी धरना-प्रदर्शन किए। उस वक्त सरकार ने किसी की नहीं सुनी। इसके बाद खुद सरकार ने आदेश जारी कर प्रदेश के 737 विद्यालयों को एकीकरण से मुक्त कर दिया है। आदेश में बताया है कि प्रदेश भर से स्कूलों को मर्ज करने को लेकर बड़ी संख्या में परिवेदनाएं प्राप्त हुई हैं। जिनका परीक्षण करने के बाद समायोजित किए जाने वाले विद्यालयों में से जिलेवार सूची जारी कर उन विद्यालयों को वापस स्वतंत्र रूप से संचालित किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि मर्ज किए जाने वाले उन स्कूलों को एकीकरण से स्वतंत्र किया गया है, जिन्हें लेकर मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा राजनीतिक दबाव था।

नागौर के ये चार स्कूल हुए एकीकरण से मुक्त
राज्य सरकार ने आदेश जारी कर प्रदेशभर के जिन 737 विद्यालयों को एकीकरण से मुक्त किया हैं उनमें नागौर के 4 विद्यालय भी शामिल हैं। मकराना के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संख्या 7 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय संख्या एक में मर्ज किया गया था, लेकिन अब यह स्कूल स्वतंत्र रूप से संचालित किया जाएगा। इसके अलावा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाकिपुरा, डीडवाना में मर्ज किया गया राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोमथलिया की ढाणी व राजकीय माध्यमिक विद्यालय डोबडी कला में मर्ज किया गया राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुवाडो की ढाणी, डोबड़ी कला को एकीकरण से मुक्त करते हुए स्वतंत्र रूप से संचालित किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। पुनियों की ढाणी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय को 14 अगस्त को ही आदेश जारी कर एकीकरण से मुक्त कर स्वतंत्र रूप से संचालित किया जा चुका है। सूत्रों का यह भी कहना है कि अभी एकीकरण से मुक्त किए जाने वाले विद्यालयों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

आदेश मिले हैं
नागौर जिले के चार विद्यालयों को एकीकरण से मुक्त कर स्वतंत्र रूप से संचालित करने के आदेश मिले हैं। जिसके चलते चाऊ के राजकीय प्राथमिक विद्यालय को स्वतंत्र रूप से संचालित किया जा चुका है। अन्य को लेकर प्रक्रिया जारी है।
रजिया सुल्ताना, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक शिक्षा, नागौर

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