
नागौर. नागौर जिला मुख्यालय पर हर वर्ष की तरह इस बार भी विश्व प्रसिद्ध राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेला आयोजित हुआ है, लेकिन इस बार गत वर्ष वर्ष की तरह मेले में मंदी नहीं है। इस बार मेले में पशुओं की आवक जहां गत वर्ष की तुलना में दुगुनी से ज्यादा है, वहीं पशुओं की खरीद-फरोख्त भी अच्छी हो रही है, जिससे पशुपालक एवं व्यापारी दोनों खुश हैं।नागौर पशु मेले में 9 फरवरी को आयोजित पशु प्रतियोगिता के दौरान नृत्य करता ऊंट।

नागौर के राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेला देखने पहुंची नर्सिंग छात्राओं ने ऊंट पर बैठकर फोटो खींचवाए।

नागौर के राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले में इस बार ऊंटों की आवक बैलों से अधिक हुई है।

नागौर के राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले में घोड़े-घोडिय़ों की आवक भी हुई है। पशु प्रतियोगिता में भाग लेने आए घोड़े।

पशु प्रतियोगिता में भाग लेने आए घोड़े।

नागौर के राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले में आयोजित पशु प्रतियोगिता के दौरान बैल के दांत देखते निर्णायक मंडल के सदस्य। नागौर के बैलों की कद-काठी देश ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है।

नागौर के राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले में नागौर के बैलों की चाल दिखाते पशुपालक। नागौर के बैलों की कद-काठी, चाल देश ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है।

पशु प्रतियोगिता के दौरान बैलों की जोड़ी लेकर आया एक पशुपालक।

पशु प्रतियोगिता के दौरान बैलों की जोड़ी लेकर आया एक पशुपालक।

नागौर का राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेला नागौरी नस्ल के बैलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस बार मेले में बैलों की भी अच्छी आवक हुई है।