
उनके पिता फौजी हैं और किसान परिवार से जुड़े हुए हैं, सारा परिवार खेती का ही काम करता है। सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने धनराज को दूरभाष पर बधाई दी। धनराज ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि प्राथमिक शिक्षा तक की पढ़ाई गांव जालसू नानक में करने के बाद डेगाना में शारदा बाल निकेतन, फिर अजमेर तथा बाद में उच्च शिक्षा के लिए नई दिल्ली में पढ़ाई की। पिता का गत साल ही निधन हुआ है। इस सफलता का श्रेय वे माता-पिता, गुरुजनों सहित भगवान को देते हैं। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर व पटाखे छोड़कर खुशी का इजहार किया।
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