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सहायक श्रम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस, मंत्री से नागौर का पूरा स्टाफ बदलने की सिफारिश

भ्रष्टाचार की खान : श्रम विभाग - अब शुभ शक्ति योजना का फर्जीवाड़ा आया सामने- मृत्यु सहायता योजना में फर्जी तरीके से जारी की गई आर्थिक सहायता की जांच जारी- परत दर परत उघड़ रहा है भ्रष्टाचार

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Show cause notice to Assistant Labor Commissioner of Nagaur

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नागौर. श्रम विभाग नागौर कार्यालय के फर्जीवाड़े उजागर होने के बाद एक ओर जहां जिला कलक्टर विभागीय जांच करवा रहे हैं, वहीं श्रम आयुक्त जयपुर ने नागौर के सहायक श्रम आयुक्त भवानीप्रताप चारण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि पहले जनवरी 2022 में जिला कलक्टर द्वारा करवाई गई जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने व अब दूसरी बार जांच कमेटी गठित करने के साथ जयपुर मुख्यालय स्तर के अधिकारियों एवं श्रम विभाग मंत्री सुखराम विश्नोई तक मामला पहुंचने के बावजूद फर्जीवाड़ा बंद नहीं हो रहा है। विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारी बेखौफ होकर फर्जी दस्तावेजों के आधार अपात्र लोगों को सरकारी धन लुटा रहे हैं।

नागौर के श्रम विभाग की स्थिति यह है कि यहां के अधिकारी भ्रष्टाचार की हदें पार कर रहे हैं। नित रोज नए-नए फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। हालांकि उच्चाधिकारियों द्वारा जांच भी करवाई जा रही है, इसके बावजूद फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। गत दिनों मृत्यु सहायता योजना में फर्जी तरीके से जारी की गई सहायता राशि का मामला राजस्थान पत्रिका द्वारा उजागर करने के बाद जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने विभागीय जांच बैठाई है, वहीं प्रसूति सहायता योजना, फर्जी तरीके से श्रमिकों के पंजीयन सहित अन्य प्रकरणों को लेकर श्रम विभाग के आयुक्त अंतरसिंह नेहरा ने नागौर के सहायक श्रम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयुक्त नेहरा ने बताया कि नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ बार-बार आ रही भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए उन्होंने विभाग मंत्री सुखराम विश्नोई से भी आग्रह किया है कि नागौर कार्यालय के पूरे स्टाफ को ही बदला जाए, ताकि विभाग की छवि खराब न हो।

अब शुभ शक्ति योजना में फर्जीवाड़ा
अभी मृत्यु सहायता योजना, श्रमिक पंजीकरण व प्रसूति सहायता योजना के प्रकरणों में फर्जीवाड़े का मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब शुभ शक्ति योजना में अपात्रों को लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 12 से 15 मई 2022 के बीच 20 आवेदनों में 55 हजार रुपए की सहायता राशि जारी की गई है, जिसमें 13 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें विवाहित पुत्रियों के नाम पर तथा अनपढ़ पुत्रियों के नाम पर सहायता राशि दी गई है, जबकि शुभ शक्ति योजना श्रमिक के अविवाहित पुत्री को दी जाती है, जब वह आठवीं कक्षा उत्तीर्ण कर लेती हैं।

केस - 1 : टीसी फर्जी पेश कर दी
श्रम विभाग में बी21/2016/0212446 नम्बर पंजीकृत नरेगा श्रमिक ओंमकारमल की पुत्री पिंकी के नाम शुभ शक्ति योजना के तहत 15 मई 2022 को सहायता राशि जारी की गई है। इसमें आवेदक ने टैगोर बाल शिक्षण संस्थान उच्च माध्यमिक विद्यालय जिजोट की टीसी पेश की है, जिसमें छात्र रजिस्टर संख्या (एसआर नम्बर) 476 दर्ज है और 14 जुलाई 2015 को टीसी जारी की गई है। पत्रिका संवाददाता ने जब स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश पारीक से बात की तो उन्होंने बताया कि एसआर नम्बर 476 पर महावीरसिंह पुत्र बजरंगसिंह का नाम दर्ज है, जिसकी टीसी 20 जनवरी 2015 को जारी की गई थी।

केस- 2 : विवाहित होने के बावजूद दी सहायता
खोरण्डी निवासी नंदकिशोर का श्रम विभाग में बी21/2016/0211149 नम्बर से श्रमिक के रूप में पंजीयन है। नंदकिशोर ने अपनी पुत्री सुमित्रा स्वामी को अविवाहित व 10वीं उत्तीर्ण बताकर शुभ शक्ति योजना के तहत 14 नवम्बर 2018 को आवेदन पेश किया। जिस पर श्रम विभाग ने वीडीओ, पटवारी व एएनएम ने भौतिक सत्यापन कर पात्र घोषित कर दिया, जबकि आवेदन करने से पूर्व सुमित्रा स्वामी का विवाह हो चुका था, जिसका जन आधार संख्या 4838441649 में 25 जुलाई 2018 को नामांकन दिखाया गया है। यानी नंदकिशोर ने जब आवेदन किया था, उस समय सुमित्रा की शादी हो चुकी थी, जबकि नियमानुसार आवेदन करते समय पुत्री का अविवाहित होना आवश्यक है।

नोटिस जारी किया है
कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागौर श्रम विभाग में चले रहे फर्जीवाड़े को लेकर मंत्री जी से भी आग्रह किया है कि नागौर कार्यालय के पूरे स्टाफ को हटाया जाए।
- अंतरसिंह नेहरा, श्रम आयुक्त, श्रम विभाग, जयपुर