
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नागौर। कोरोना महामारी से लड़ रहे योद्धाओं में कई ऐसे भी हैं जिन्हें गंभीर बीमारी के साथ मुश्किल चुनौतियों से कड़ा लोहा लेना पड़ रहा है। इस जोखिम से भरे काम में खुद के जीवन को बचाना भी उतना ही कठिन काम है, जितना बाहर कोरोना से संघर्ष में है।
समाज के ये साइलेंट हीरो खामोशी से अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं। इनमें शामिल है राजस्थान के नागौर जिले के विद्युतकर्मी अर्जुनराम प्रजापति। इन्होंने कोरोना काल में डर और मायूसी के बीच 24 घंटे ड्यूटी कर हजारों घर रोशन किए तो कितने क्वारंटीन सेंटर के लोगों के चेहरों की उदासी पढ़ी।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मन में कोरोना का डर नहीं बैठने दिया। एक ही जूनून सवार रहा कि हर हाल में ड्यूटी को पूरा करना है। कहीं यह दाग न लग जाए कि उसने कोरोना के डर से छुट्टी रख ली या फिर घर चला गया। बिजली के तारों से उलझने का जज्बा रखने वाला यह कर्मचारी दूसरों की जिंदगी सुलझाने में यकीन रखता है।
उसका कहना है कि लॉकडाउन के बीच जब लोग घरों में कैद थे तो उनकी ड्यूटी ज्यादा मुश्किल थी, इसकी वजह थी कि लोगों के घरों को रोशन रखने की अहम जिम्मेदारी। शहर में सन्नाटा पसरा हो या फिर रात का अंधेरा, उन्हें तो काम करना है और लोगों की शिकायतों को दूर करना है।
किसी के घर पर लाइट चली जाती है तो शिकायत होते ही उन्हें टॉस्क मिलता है। इसके बाद साथियों के साथ संबंधित जगह जाकरफाल्ट ढूंढकर बिजली दुरुस्त करने में व्यस्त हो जाता है। उस समय उसके दिमाग में न तो करोना का डर न करंट का। उसका तो केवल एक ही काम कि उपभोक्ता के घर में रोशनी जल्द से जल्द पहुंचे।
विद्युतकर्मियों को कोई याद नहीं करता
अर्जुनराम ने बताया कि कई बार उसे भी डर लगता है कि कहीं वो कोरोना की चपेट में न आ जाए पर यदि वो यह सोचकर काम नहीं करेगा तो फिर कैसे चलेगा। उसके जैसे पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, पत्रकार आदि भी तो अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।
उसने इस बात पर दुख जताया कि कोरोना काल में साइलेंट हीरो के रूप में कई तरह के लोगों का नाम लिया जाता है, पर विद्युत कर्मियों को कोई याद नहीं करता। जबकि विद्युतकर्मी तो सदैव दिन-रात आमजन के लिए ड्यूटी करता है। अर्जुनराम ने बताया कि कोरोना संक्रमण वाकई बड़ी बीमारी है, इसके बचाव व सावधानी सबको ध्यान में रखनी चाहिए। मास्क लगाने के अलावा हाथ धोने और सेनेटाइजेशन का ध्यान रखें।
सामाजिक सेवा में भी पीछे नहीं
अर्जुनराम ने बताया कि वह अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहा है और इसके अलावा वह सामाजिक सेवा करने में भी पीछे नहीं रहा। कोरोनाकाल के पैदल जा रहे प्रवासियों के सहित अन्य लोगों को खाना-पानी उपलब्ध करवाया। वह सभी से एक ही अपील करता है कि हमारा धर्म-कर्तव्य भी यही है कि ऐसे समय में हम हर इंसान की मदद करते रहें, कभी पीछे नहीं हटें।
उन लोगों के बारे में भी सोचें जिन्हें एक समय की रोटी नहीं मिल पा रही है या फिर जिनका रोजगार छिन गया है। अर्जुनराम का कहना है कि वह लगातार लोगों की मदद करता रहेगा। अर्जुनराम का कहना है कि लोगों को सेवा करने मे दिन कैसे गुजर जाता है पता ही नहीं चल रहा।
(डिस्क्लेमर : फेसबुक के साथ इस संयुक्त मुहिम में समाचार सामग्री, संपादन और प्रकाशन पर पत्रिका समूह का नियंत्रण है)
Published on:
03 Jul 2020 06:50 am
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