नागौर. देशभक्ति पूर्ण झांकियों से सजी मातृशक्ति की सिंदूर शौर्य यात्रा गुरुवार को धूमधाम से निकली। मार्गों से गुजरने के दौरान देशभक्ति पूर्ण श्लोगन को लिए चल रही शौर्य यात्रा पर कई जगह फूलों की बारिश की गई। इस दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा रहा। यात्रा में शामिल झांकियां आकर्षण का केन्द्र बनी रही। विभिन्न मार्गों से निकली यात्रा नकासगेट स्थित एमडीएच पार्क पहुंची। जहां पर उद्बोधन के दौरान का सिंदूर शौर्य यात्रा की प्रासंगिकता समझाने के साथ ही वीरांगनाओं का सम्मान किया गया।
तिरंगे साथ निकली महिलाएं
नागौर. मातृशक्ति एवं विभिन्न संगठनों की ओर से मातृशक्ति की सिंदूर शौर्य यात्रा सुबह करीब सवा 8 बजे बंशीवाला मंदिर से तिरंगे के साथ निकली। इसके पश्चात हाथी चौक, पीपली गली, आजाद चौक होते हुए एमडीएच पार्क में पहुंची। शौर्य यात्रा में चंद्रयान मिशन, दिल्ली के इंडिया गेट का प्रतिरूप, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फूले, थल सेना में मातृशक्ति, काली व दुर्गा का रूप सजी झांकियां आकर्षण का केन्द्र बनी रही। यात्रा पर कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल महिलाएं देशभक्ति से परिपूर्ण श्लोगन को दोहराते हुए चल रही थी। महिलाएं हाथों में तिरंगा लिए हुए चल रही थी। इससे यात्रा गुजरने वाले रास्ते के दौरान सडक़ों के दोनो ओर खड़े लोग भी मातृशक्ति का उत्साह बढ़ाने में लगे रहे। एमडीएच पार्क में वीरांगना रूकी देवी एवं सीता देवी का सम्मान किया गया।
आपरेशन सिंदूर में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने कहा कि युद्धों में सेना की ओर से सामरिक व आर्थिक तंत्र को अस्तव्यस्त करने का कार्य किया जाता है। जबकि आतंकवादियों ने विभिन्न आतंकी घटनाओं के माध्यम से भारत के जनजीवन को अस्त व्यस्त करने की कोशिश की। इसका भारतीय नेतृत्व ने भरपूर जवाब दिया गया। सेना की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इस अभियान में मातृशक्ति की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने कहा कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों की ओर से देश के निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतारने के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर व पीओके में धमाका कर उन्हें नष्ट किया। ऑपरेशन सिंदूर सेना व जनता के आपसी सहयोग का बहुत बड़ा उदाहरण है। भारतीय जनमानस ने भी सेना के मनोबल को बढ़ाने का कार्य किया है। नागरिकों की ओर से भी निर्देशों की पालना की गई है। ऑपरेशन सिंदूर ने देश की ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। इसमें मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में संत जानकीदास, संत लक्ष्मीनारायणदास, मांगीलाल बंसल, नृत्य गोपाल मित्तल, भोजराज सारस्वत, राजेंद्र प्रजापत, पुखराज सांखला, बालकिशन, मेघराज राव, गणेश त्रिवेदी, रामनिवास झाड़वाल, राधेश्याम टोगसिया, रामेश्वर सारस्वत, नंदकिशोर खङलोया आदि शामिल रहीं। कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन, दाधीच समाज, माहेश्वरी समाज, स्वर्णकार समाज महिला मंडल, राष्ट्र सेविका समिति, विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी, मातृशक्ति, भारत विकास परिषद, गल्र्स ग्रुप, अहिछत्रपुर वीरा मंडल, करमा बाई जाट महिला संस्था एवं सेवन डोर फाउंडेशन आदि का सहयोग रहा।