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वीडियो में देखिए, खरनाल धर्मसभा में ऐसा क्या बोली आईएएस आरुषि, जो सोशल मीडिया पर हो रही है चर्चा

खरनाल में आयोजित धर्मसभा में अधिकतर वक्ताओं ने दिया कुरीतियों को त्यागने का संदेश

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IAS officer Aarushi Malik

IAS officer Aarushi Malik

नागौर. खरनाल में तेजाजी के मंदिर का नवनिर्माण करने को लेकर शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा में पहुंचे अधिकतर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं अतिथियों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागकर शिक्षा पर जोर देने तथा समाज में एकजुटता रखते हुए अन्य समाजों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया। आईएएस अधिकारी आरुषि मलिक ने कहा कि लोक देवताओं को जाति-समाज में नहीं बांटें। तेजाजी ने तो अन्य समाज की लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने पैनोरमा परिसर में 400 से अधिक पौधे लगाने पर व्याख्याता धनराज खोजा का सम्मान करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। समाज में मौसर (मृत्युभोज) बंद करें और संकल्प लें कि दूसरों को भी नहीं करने देंगे। इसके साथ बच्चियों को पढाएं, उन्हें छात्रावास में रखें। मलिक ने अगले वर्ष से खरनाल में आखातीज पर जाट समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन करने की घोषणा भी की।


राजस्थान युवा बोर्ड के अध्यक्ष सीताराम लाम्बा ने कहा कि तेजाजी के दिखाए रास्ते पर चलकर समाज में आए बिखराव को पाटकर एकजुट बनें और बच्चों को पढ़ाकर आगे बढाएं। सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी सुखराम खोखर ने कहा कि तेजाजी से हमें वचनबद्धता की सीख मिलती है, लेकिन हम वचन नहीं निभा रहे, जिसके कारण आज राजस्व से जुड़े प्रकरण न्यायालय तक पहुंच रहे हैं। साथ ही अबला का सहयोग करने की बात भी कही।
बाल आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा कि हमारा समाज दिशा देने वाला है। इसलिए बाल विवाह न करें और बच्चों को पढ़ाएं। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी सवाई सिंह चौधरी ने दुश्मन को पहचानने और बोलना सीखने की बात कही। साथ ही नशे से दूर रहने का संदेश दिया। जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम मील ने घरेलू आयोजनों पर पेड़ लगाने की बात कही।

समिति व युवाओं ने संभाली व्यवस्था
अखिल भारतीय वीर तेजा जन्मस्थली खरनाल के तत्वावधान में आयोजित मंदिर के शिलान्यास व धर्मसभा के कार्यक्रम को अध्यक्ष सुखराम खुडख़ुडिय़ा व सरपंच शिवकरण धौलिया के नेतृत्व समिति के पदाधिकारियों एवं युवाओं ने अपना सहयोग देकर सफल बनाया। कार्यक्रम का संचालन समिति सचिव भंवरलाल निम्बड़ ने किया। वहीं व्यवस्था बनाने में मेहराम धौलिया, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रणजीत धौलिया, हरिराम जाजड़ा, प्रेमसुख जाजड़ा, कंवराराम धौलिया, पप्सा धौलिया, यशपाल लेगा, गोशाला अध्यक्ष शिवकरण धौलिया, बद्रीराम धौलिया, मदनराम चौधरी, भंवराराम धोलिया, कालूराम धौलिया, रामपाल धौलिया, सुभाष धौलिया,, सुरेंद्र धौलिया, सुरेश धौलिया, राजवीर धौलिया, अनिल बेनीवाल, महिपाल जाखड़, रामप्रसाद धौलिया, रामलाल फौजी, अनिल धौलिया, ओमप्रकाश गोदारा, कालूराम गोदारा, विमलेश गोदारा, भीकाराम कंकड़ावा आदि का सहयोग रहा। धर्मसभा में बलाया से 50 से अधिक ट्रेक्टरों से ग्रामीण रैली के रूप में खरनाल पहुंचे।