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पुलिस कंट्रोल रूम में अजब-गजब शिकायतें: हैलो पुलिस…घर की लाइट चली गई है, प्लीज चालू करवा दीजिए

मेरा बेटा गलत संगत में पड़ गया है, नशा करने लगा है। एसपी साहब अब आप ही करो कुछ, आपका अहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। इसे उम्मीद भी कह सकते हैं और अजीबोगरीब मदद की गुहार भी।

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सांकेतिक तस्वीर

नागौर। मेरा बेटा गलत संगत में पड़ गया है, नशा करने लगा है। एसपी साहब अब आप ही करो कुछ, आपका अहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। इसे उम्मीद भी कह सकते हैं और अजीबोगरीब मदद की गुहार भी। असल में यह सीधा मामला पुलिस से जुड़ा नहीं है, यह तो एक बानगी है। ऐसे अनगिनत पत्र एसपी के पास आते हैं तो अनेकानेक शिकायत कंट्रोल रूम के अलावा पुलिस थाने में।

यह बात सबको अजीब लगती है पर है पूरी तरह सच। कहीं बच्चे का कहना नहीं मानने तो कहीं पढ़ाई पर ध्यान लगाने के लिए पुलिस का खौफ बदस्तूर जारी है। एसपी के पास आने वाले ऐसे खतों की लंबी फेहरिस्त है तो कंट्रोल रूम पर भी बत्ती गुल होने पर उसे चालू करवाने की गुहार लगाई जाती है। साथ ही खुले में घूमते जानवर या कई दिनों से बंद रोड लाइट चालू होने तक की परेशानी बताई जा रही है। बात यहीं नहीं रुकती, गाड़ी अथवा अन्य माल चोरी की बात तो समझ में आती है।

घर से श्वान या फिर अन्य पशु भी इधर-उधर हो जाए तो तुरंत मदद पुलिस ही चाहिए। पुलिस अधिकारियों से बातचीत में यह हकीकत सामने आई। कई बार पिता-पुत्र अथवा भाई-भाई के घरेलू झगड़े अथवा सम्पत्ति बंटवारे पर भी कई बार पुलिस को महज इसलिए बुलाया जाता है कि मामला शांतिपूर्ण निपट जाए। कई लोग तो कंट्रोल रूम व पुलिस थाने में फोन कर अपने बेटे/भाई अथवा अन्य को नशा छुड़ाने के लिए एक-दो दिन थाने में बंद करने तक को कह देते हैं।

कंट्रोल रूम कैसे करे कंट्रोल

सूत्र बताते हैं कि कई बार पुलिस कंट्रोल रूम में फोन पर भी ऐसी शिकायत/सूचना दी जाती है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी खुद चक्कर में पड़ जाता है। कुछ दिन पहले रात को फोन पर पति-पत्नी के आपसी झगड़े, फिर एक जने के दरवाजा नहीं खोलने की शिकायत मिली। एक बार ऐसा ही फोन आया, घर में शादी और किसी युवक के नहीं आने के लिए पुलिस को तैनात करने की गुजारिश की गई।

शादी कर ली, परिवार से मांगी सुरक्षा…

सूत्र बताते हैं कि एसपी के पास रोजाना आने वाली डाक में अलग-अलग तरह के खत आते हैं। एसपी संबंधित थाना अधिकारी को इसके लिए निर्देश भी दे देते हैं। पिछले दिनों एसपी के पास एक ऐसा पत्र आया जिसमें संभवतया युवती प्रेम विवाह की बात कहते हुए परिवार से सुरक्षा मांग रही है।

कुछ इस तरह के अजीबो गरीब शिकायती पत्र आते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि संबंधित विभाग या जिम्मेदार तक इसको पहुंचाकर पीड़ित को राहत दिलाई जाए। कुछ पत्र/फोन असमंजस में डाल देते हैं। कुछ अनजाने में भी ऐसा करते हैं।

-नारायण टोगस, एसपी, नागौर