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नागौर. शहर के राजकीय रतन बहन बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में माध्यमिक शिक्षा के लेवल वन की काउंसलिंग के दौरान सूची गड़बडिय़ों को लेकर शिक्षकों ने विरोध जताया। सूची में गलत जन्मतिथियों का अंकन होने की वजह से कई कनिष्ठों के नाम भी शामिल होने के कारण विरोध बढ़ गया, जिसके बाद सूची को सही कर काउंसलिंग करानी पड़ी।
बालिका विद्यालय में सुबह करीब 9 बजे काउंसलिंग शुरू होनी थी, लेकिन इन्हीं गड़बडिय़ों की वजह से करीब तीन घंटे बाद प्रक्रिया विधिवत शुरू की जा सकी। कुल 226 शिक्षकों की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के लिए सुबह करीब आठ बजे से शिक्षक रतन बहन बालिका विद्यालय में पहुंचने लगे। करीब 9 बजे पंजीयन शुरू होने के बाद दस्तावेजों की जांच के साथ ही सूची की गड़बडिय़ां भी उजागर होने लगी। इसकी जानकारी अन्य शिक्षकों को मिली तो असंतोष फैल गया। शिक्षकों के विरोध को देखते हुए जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक प्रथम ब्रह्माराम चौधरी ने खुद ही कर्मचारियों के साथ पूरी सूची की खामियां सही कराई। खामियां सही होने के बाद 255 की सूची में शामिल शिक्षकों की संख्या 226 हो गई। इसके बाद शुरू हुई काउंसलिंग शाम को करीब पांच बजे तक चली। जिला शिक्षाधिकारी ने बताया कि इसमें काउंसलिंग के बाद 226 शिक्षकों की नियुक्तियां माध्यमिक शिक्षण संस्थानों के लिए की गई।
शिक्षक संघ शेखावत ने दिया ज्ञापन
राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत ने माध्यमिक शिक्षा में चयन सूची में गड़बडिय़ों को लेकर आरोप लगाए। संघ के जिलाध्यक्ष अर्जुन लोमरोड़ ने जिला शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें आरोप लगाया कि अनेक शिक्षकों की कार्यग्रहण तिथि व जन्मतिथि गलत होने के साथ कनिष्ठ का नाम सूची में शामिल कर दिए गए। शिक्षक संघ शेखावत ने ज्ञापन देकर सूची पुन: जारी कर ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पहली सूची में 255 शिक्षकों के नाम के स्थान पर संशोधित सूची में 226 शिक्षकों की काउंसलिंग में रखे जाने के साथ ही रक्त स्थान पूरे न दिखाने के आरोप भी लगाए। ज्ञापन देने में उपशाखा मंत्री हरजीत काला, महेंद्र मुंडेल, श्रीपाल बटेसर, राजकुमार शर्मा मंत्री नावां, प्रमोद पंवार आदि उपस्थित थे।
Published on:
19 Jun 2018 11:41 am

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