
NAGAUR SDM in khetas of nagaur
नागौर. उपखंड अधिकारी परसाराम टाक ने शनिवार को उपखंड क्षेत्र के दौरे पर रहे। टाक ने खेतास गांव का दौरा कर लम्बे समय से चल रहे जमीन विवाद मामले में समझाइश कर रास्ता खुलवाया। खेतास में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में मनमुटाव को देखते हुए टाक ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से समझाइश कर जीएलआर तक वैकल्पिक रास्ता खुलवाया। इस अवसर पर श्रीबालाजी थानाधिकारी रामनारायण भंवरिया व राजस्व कार्मिक उपस्थित थे। उपखंड अधिकारी ने स्थाई रास्ता दिलाने का आश्वासन दिया।
नामांकन बढ़ाने के निर्देश
टाक ने राजकीय उत्कृष्ट प्रावि मांझवास का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वच्छता, साज सज्जा, पोषाहार, विद्यार्थियों में अनुशासन व शैक्षिक स्तर अच्छा पाया गया। छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनिकी से दी जा रही शिक्षा का भी अवलोकन किया। खेल ही खेल में सिखाने (लर्न बाई फन) की शिक्षा पद्धति जैसे नवाचार की प्रशंसा की। टाक ने आंगनबाड़ी केन्द्र मांझवास का निरीक्षण कर कार्यकर्ता को नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए।
शिक्षक को दिया नोटिस
राप्रावि दक्षिणी कांकड़ जोधियासी एवं राप्रावि मेघवालों की ढाणी, माण्डेली का निरीक्षण किया। उपस्थिति पंजिका में हस्तारक्षर करने के बावजूद स्कूल में उपस्थित नहीं होने पर एक-एक अध्यापक को मौके पर ही नोटिस देकर सहकर्मी से तामील करवाई गई। विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, ठहराव बढाने व ड्रॉप आउट दर कम करने तथा विद्यार्थियों के आधार कार्ड बनाने के निर्देश दिए।
धरना जारी, प्रशासन ने नहीं ली सुध
निकटवर्ती अमरपुरा में ओवरब्रिज का निर्माण कर तिराहा बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना शनिवार को 34वें दिन भी जारी रहा। तेजाजी मंदिर के पुजारी शेराराम व मदनलाल ने कहा कि सरकार एक सोची समझी साजिश के तहत धार्मिक स्थल नष्ट करने पर तुली है लेकिन हम किसी भी सूरत में मंदिर का एक पत्थर भी नहीं टूटने देंगे। घेवरराम प्रजापत ने कहा कि अब सब्र का बांध टूट चुका है और मांगें नहीं मानने पर अधिकारियों का घेराव करेंगे।
सरकार की दोगली नीति
मनीराम घोसलिया ने कहा कि एक तरफ सरकार पेड़ पौधे लगाने के लिए अभियान चलाती है वहीं दूसरी ओर अमरपुरा में पुलिया निर्माण से सैकड़ों पेड़ पौधे नष्ट हो जाएंगे। इससे सरकार की दोगली नीति का पता चलता है। धरने में पप्पूराम जाखड़, भगतीराम सोलंकी, सुखराम प्रजापत, पन्नाराम घोसलिया, कानाराम सोलंकी, भोजाराम, सुरेश बसवाणा, शेराराम, धारूराम मेघवाल, छगन बाना समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
Published on:
12 Nov 2017 12:13 pm
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