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Nagaur patrika…सभापति ने भुगतान रोकने का दिया निर्देश, आयुक्त ने सभापति को जारी किया नोटिस

-सभापति मीतू बोथरा ने आयुक्त रामतन चौधरी की नियुक्ति को अवैध बताते हुए बैंकों को भुगतान रोकने के दिए निर्देश, आयुक्त ने सभापति के निर्देश को अवैध बताते हुए तीन दिनों में मांगा स्पष्टीकरण-सभापति व आयुक्त के बीच गहराया विवादनागौर. नगरपरिषद आयुक्त एवं सभपाति के बीच विवादित स्थिति बढऩे लगी है। सभापति मीतू बोथरा ने […]

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-सभापति मीतू बोथरा ने आयुक्त रामतन चौधरी की नियुक्ति को अवैध बताते हुए बैंकों को भुगतान रोकने के दिए निर्देश, आयुक्त ने सभापति के निर्देश को अवैध बताते हुए तीन दिनों में मांगा स्पष्टीकरण
-सभापति व आयुक्त के बीच गहराया विवाद

नागौर. नगरपरिषद आयुक्त एवं सभपाति के बीच विवादित स्थिति बढऩे लगी है। सभापति मीतू बोथरा ने जहां एक नगरपरिषद आयुक्त के पद पर रामरतन चौधरी की नियुक्ति को अवैध बताते हुए बैंकों को निर्देश पत्र जारी किया है कि वह नगरपरिषद को किसी भी माध्यम से भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। इधर आयुक्त रामरतन चौधरी ने आयुक्त या मुख्य पालिका अधिकारी के स्वीकृति के बिना नियम विरुद्ध कार्यालय आदेश जारी करने 3 दिनों में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। ऐसा नहीं किए जाने पर उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए सक्षम अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी है।
सभापति बनाम आयुक्त के बीच बढ़ती विवादित स्थिति से शहर का विकास कार्य प्रभावित होने की आशंकाएं अब जोर पकडऩे लगी है। सभापति मीतू बोथरा को बैंकों की की ओर से नगरपरिषद को भुगतान करने से रोकने का निर्देश पत्र मंगलवार को जारी किया गया। इसके जवाब में आयुक्त रामरतन चौधरी ने भी सभापति मीतू बोथरा को उनके आदेश को अवैध बताते हुए इस पर स्पष्टीकरण मांग लिया है। सभापति बोथरा की ओर से जारी निर्देश र्पत्र में पूर्व में हुए जोधपुर उच्च न्यायालय के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया है कि अपात्र को कार्यभार देने की स्थिति में उसे पंद्रह दिनों से ज्यादा का पदभार नहीं दिया जा सकता है। इसके बाद किसी योग्यताधिकारी को भी इसका चार्ज दिया जा सकता है। इस बाबत बैंकों को एक निर्देश पत्र भेजकर भुगतान रोके जाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि इनके पास मूण्डवा कार्यभार पहले से है, और का पदभार अतिरिक्त के तौर पर दिया गया है। यह पूरी तरह से उच्च न्यायालय के निर्णय के प्रतिकूल है। इस संबंध में जयपुर स्वायत्त शासन विभाग से किसी भी प्रकार की सक्षम स्वीकृति भी प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए भुगतान नहीं होना चाहिए।
आयुक्त ने मांगा जवाब
आयुक्त रामरतन चौधरी की ओर से स्वायत्त शासन विभाग के दिशा-निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया है कि बिना सक्षम अधिकारी के स्वीकृति के उनकी ओर से आदेश जारी करना पूरी तरह से प्रावधान के खिलाफ है। बैंकों को भुगतान नहीं किए जाने के आपके निर्देश र्पत्र से जनहित के विकास कार्यों में बाधा पहुंचेगी। यही नहीं, बल्कि पूर्व में बोर्ड की बैठक स्थगित करने के आदेश भी आपकी ओर से खुद के स्तर पर प्रावधान के खिलाफ जारी कर दिए। जो पूरी तरह से अवैध होने के साथ ही राज्य सरकार के निर्देश के खिलाफ भी था। इसलिए तीन दिनों के अंदर इसका स्पष्टीकरण सभापति मीतू बोथरा दें, नहीं तो फिर उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी।