नागौर. गर्म हवाओं के चलते थपेड़ों में शहर शुक्रवार को भट्टी की तरह दहकता रहा। तेज रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं के साथ 38 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस के तापमान में धूल के उड़ते बवंडर लोगों को परेशान करते नजर आए। हालांकि अन्य दिनों की अपेक्षा तापमान कम रहा, लेकिन फिर भी दोपहर में गर्म हवाओं के आगोश में पूरा शहर सिमटा नजर आया। विशेषकर पैदल राहगीरों एवं दोपहिया वाहन चालकों को यह गर्म हवाएं आग सरीखी झुलसन का एहसास कराती नजर आई। गर्मी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शाम को छह बजे तक भी तापमान गिरने की जगह 38 डिग्री सेल्सियस तापमान बना रहा।
बढ़ती गर्मी के साथ तापमान के चढ़ते पारे की वजह से शहर आग की तरह तपता रहा। आसमान से बरसती आग से हर कोई परेशान नजर आया। अलसुबह से ही गर्मी के अहसास के साथ ही दस बजे तक सूरज की तीखी रोशनी से सडक़ें तपने लगी है। इस दौरान तेज चलती गर्म हवाओं के थपेड़ों ने परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर में 12 बजे तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार जा पहुचा। डेढ़ बजे तक तो यह 38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बढ़ते तापमान की वजह से तेज चल रही गर्म हवाओं के थपेड़े चेहरे को आग की तरह जलाते रहे। स्थिति यह रही कि अपने चेहरों को पूरी तरह से कपड़ों में कैद करने के बाद भी लोग आग की तपिश से परेशान नजर आए। सुबह नौ बजे से ही शहर के सडक़ों पर बरसती आग के बीच दुकानें तो खुली, लेकिन बाजारों में भीड़ कम रही। विशेषकर दोपहर में 12 बजे से लेकर अपराह्न तीन बजे तक हालात बेहद ही तकलीफदेह रहे। कई जगहों पर पूरी सडक़ें सूनी नजर आई। सूरज की बढ़ती तपिश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शाम को करीब छह बजे तक भी तापमान का पारा नीचे नहीं गिरा। इससे सडक़ों पर गर्म हवाओं के थपेड़ों से कर कोई परेशान नजर आया। सदर बाजार, गांधी चौक, किले की ढाल, नया दरवाजा, माहीगेट, बस स्टैंड मार्ग आदि क्षेत्रों में सामान्यत: नजर आने वाली भीड़ दोपहर में गायब रही।
गर्मी से राहत पाने की कोशिश में लगे रहे
गर्म हवाओं के साथ जला रही आग से बचने के लिए शीतल पेय की की दुकानों पर राहत पाने की होड़ लगी रही। शहर के रेलवे स्टेशन, गांधी चौक, मूण्डवा चौराहा, केन्द्रीय बस स्टैंड के क्षेत्र की दुकानें गर्मी से परेशानों की भीड़ से गुलजार नजर आई।