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VIDEO…सात सौ साल बाद बने पंच ग्रहों के महायोग में मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व

Nagaur. दिन में भद्राकाल प्रभावी होने से ज्यादातर बहनों ने रात्रि में नौ बजे के बाद भाइयों को बांधी राखी

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Nagaur news

The festival of Rakshabandhan was celebrated in the Mahayoga of five planets formed after seven hundred years

-कई जगहों पर भद्रा को अप्रभावित बताते हुए दिन में बहनों राखी बांधकर मनाया रक्षाबंधन
-मिथक पर विश्वास करने वाले परंपरावादी गुरुवार को शुभ मुहूर्त ही बांधेंगे राखी
-दिनभर भद्रा को लेकर इस वर्ष भ्रम की स्थिति बनी नजर आई
-रक्षाबंधन पर मुफ्त में सवारी की होड़ में डेढ़ हजार से ज्यादा महिलाओं ने उठाया रोडवेज बसों के सफर का लुफ्त
-अजमेर, जयपुर एवं कोटा की ओर जाने वाली बसों में सर्वाधिक संख्या महिला यात्रियों की रही
नागौर. रक्षाबंधन का पर्व बुधवार को पंच ग्रहों के बने महाशुभ योग में मनाया गया। रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया होने के कारण जहां ज्यादातर बहनों ने दिन की जगह रात्रि में राखी बांधी, वहीं कुछ ने रक्षाबंधन को भद्रा के असर से अप्रभावित मानते हुए दिन में ही राखी बांधी। ज्योतिषविदों के अनुसार इस बार गुरुवार को भी रक्षाबंधन मनाया जाएगा। ऐसे में कइयों को गुरुवार के शुभ मुहूर्त का इंतजार रहा। बाजारों में भी मिष्ठान्न आदि की दुकानों पर भारी भीड़ रही। इधर रोडवेज बस स्टैंड पर भी मुफ्त की सवारी करने की होड़ में सारी बसें महिलाओं से भरी नजर आई। विशेषकर अजमेर, जयपुर एवं कोटा की ओर जाने वाली बसों में सामान्य यात्रियों की जगह महिला यात्रियों की संख्या सर्वाधिक रही। रोडवेज के अधिकारियों की माने तो एक ही दिन में लगभग डेढ़ हजार से ज्यादा महिलाओं ने मुफ्त की सवारी का लुफ्त उठा लिया। गुरुवार को भी महिलाओं के लिए रोडवेज की यात्रा नि:शुल्क रहेगी। महिला यात्रियों के नि:शुल्क यात्रा करने की होड़ में आम यात्री हैरान-परेशान रहा।
रक्षाबंधन के पर्व पर बुधवार को सात सौ साल बने पांच ग्रहों के शुभ योग में राखियां बांधी गर्ई। भद्रा का प्रभाव सुबह 10 बजकर 58 मिनट से रात्रि 9 बजकर 2 मिनट तक रहा। इस दौरान भद्रा के पूरी तरह से प्रभावित होने के बाद भी कइयों ने हर वर्ष की तरह दिन में ही राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। ज्योतिषविदों के अनुसार भद्राकाल में सुपर्णनखा ने भी रावण को राखी बांधी थी। इसके बाद भी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर लोगों ने भद्रा के प्रभाव को सिरे से खाारिज करते हुए जमकर राखियां बांधी। इसके इतर परंपरावादियों ने रात्रि में ही शुभ मुहर्त का इंतजार किया, फिर राखियां बांधी। ज्योतिषविदों के अनुसार रात्रि नौ बजकर दो मिनट से साढ़े 11 बजे तक राखी का मुहूर्त रहा। इससे रात्रि में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में राखी को लेकर चहल-पहल नजर आई। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में राखी की दुकानें देर शाम तक खुली नजर आई। नया दरवाजा, सुगन सिंह सर्किल, मानासर चौराहा, मूण्डवा चौराहा, दिल्ली दरवाजा सहित केन्द्रीय बस स्टैंड के आसपास के बाजार राखियों के रंग में रंगे नजर आए।
आज भी मनाएंगे रक्षाबंधन
रक्षा बंधन पर इस साल भद्रा का साया होने की वजह से राखी बांधने के समय को लेकर इस वर्ष भ्रम की स्थिति बनी रही। ज्योतिष जानकारों की मानें तो इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त की रात 9 बजकच मिनट से 31 अगस्त की सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। ऐसे में इस बीच किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है। ज्योतिषविदों के अनुसार एक मिथक यह भी है कि रात का समय टाखी बांधने के लिए शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि इस साल अधिकतर लोग 31 अगस्त की सुबह राखी का त्योहार मनाएंगे। गुरुवार को भी इसका मुहूर्त रहेगा।
डेढ़ हजार से ज्यादा महिलाओं ने की यात्रा
राज्य सरकार की ओर से रक्षाबंधन पर्व पर नि:शुल्क यात्रा घोषित होने के चलते केन्द्रीय बस स्टैंड पर सुबह से ही महिलाएं पहुंचने लगी। सुबह करीब 11 बजे तक बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ लगी नजर आई। इस दौरान अजमेर एवं जयपुर जाने वाली सारी बसों में केवल महिला यात्री ही नजर आ रही थी। दोपहर में करीब डेढ़ से दो बजे तक बस स्टैंड परिसर के मुख्य गेट से लेकर माताजी के मंदिर तक हर जगह महिला यात्री नजर आ रही थी। शाम को चार बजे से लेकर सात बजे तक स्टैंड से निकलने वाली बसों में सर्वाधिक संख्या महिला यात्रियों की रही। रोडवेज के मुख्य प्रबन्धक राजेश फरड़ोदा का कहना है कि अभी एक्यूरेट आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन सुबह से अब तकरीबन डेढ़ हजार महिलाएं नागौर आगार से निकलने वाली बसों से यात्रा कर चुकी हैं। गुरुवार को भी राज्य सरकार की ओर से महिला यात्रियों के लिए नि:शुल्क यात्रा की व्यवस्था रहेगी।
पौधों को बांधी राखी
रक्षाबंधन पर्व कुछ लोगों ने पौधों के साथ भी मनाया। इस मौके पर व्यास कॉलोनी में पवन मांजू एवं उनके परिजनों ने पौधों को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राखी बांधी। इस मौके पर मिष्ठान्न की जगह उनको पानी से सींचा। इस दौरान कुल 10 पौधों को राखी बांधी गई।
नागौर. केन्द्रीय बस स्टैंड पर मुफ्त की सवारी की होड़ में महिला यात्रियों की रही भीड़