बरसात की बेरूखी ने बिगाड़ा फसल बुवाई का औसत

नागौर. जिले में बारिश की बेरुखी के चलते इस बार लक्ष्य फिर भटक गया है। मानसून आने की संभावना को देखते हुए गत एक माह के अंतराल में बाजरा, ज्वार एवं मूंग की फसल बुवाई का आंकड़ा हालांकि दोगुना रहा, लेकिन विभाग की ओर से निर्धारित लक्ष्य की अपेक्षा स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं है।

By: Ravindra Mishra

Published: 12 Jul 2021, 11:34 PM IST

-बाजरा, मूंग, मूंगफली एवं कपास की स्थिति बेहतर अन्य उपज की बुवाई औसत से भी कम
- महज 20-22 दिन में बुवाई का रकबा बढ़ा, लेकिन लक्ष्य की अपेक्षा 40-45 प्रतिशत ही पर पहुंचा औसत
- काश्तकारों को बारिश का बेसब्री से इंतजार, बारिश नहीं हुई तो फिर होगी मुश्किलनिर्धारित लक्ष्य की अपेक्षा अभी तक 40-45 प्रतिशत तक ही औसत बुवाई लक्ष्य पहुंचा है। अब भी मानसून की जल्द बारिश नहीं हुई तो स्थिति बिगड़ सकती है।

जिले में बारिश की कमी के चलते खरीफ फसलों का लक्ष्य प्राप्त करने में इस बार पसीना आ रहा है। अब तक बाजरा को छोडकऱ शेष फसलें लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच सकी है। इस बार अपेक्षा से भी कम बारिश होने की वजह से अब तक बोई गई उपज पर खतरा मंडराने लगा है। फसलों में बाजरा का लक्ष्य उपजिला कृषि क्षेत्र मेड़ता में एक लाख 50 हजार रखा गया, जबकि बुवाई 64040 हेक्टेयर एरिया में हुई। इसी तरह कुचामन कृषि क्षेत्र में एक लाख 55 हजार हेक्टेयर एरिया में बुवाई का रखा गया था, और बुवाई एक लाख 15 हजार 376 हेक्टेयर एरिया में हुई। कुल मिलाकर बाजरा की बुवाई का आंकड़ा लक्ष्य के आसपास पहुंच गया। जबकि अन्य उपजों की स्थिति इसकी अपेक्षा कमतर रही है। कुल लक्ष्य की अपेक्षा केवल 30 प्रतिशत ही बुवाई हो पाई। खरीफ की बुवाई में बाजरा एवं मूंग की बुवाई ने विभाग को आंकड़ों में लक्ष्य के काफी करीब पहुंच गए, बारिश होती तो शेष लक्ष्य भी प्राप्त हो जाता। बारिश को लेकर किसान चिंतित नजर आने लगे हैं। कपास एवं मूंगफली का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। परंपरागत फसलों की बुवाई में पीछे हैं। बुवाई कुल लक्ष्य से केवल करीब 40-45 प्रतिशत प्रतिशत हिस्से में हो पाई है। कृषि विभाग की ओर से इस वर्ष खरीफ फसलों की बुवाई का आंकड़ा लगभग 12 लाख हेक्टेयर तक निर्धारित किया गया था, लेकिन बरसात नहीं होने के कारण आंकड़ा पांच लाख 35 हजार 210 हेक्टेयर तक ही सिमट कर रह गया। कृषि अधिकारियों का कहना है कि बारिश हुई तो बुवाई का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।

बुवाई, कहां कितनी हुई
मेड़ता कलस्टर - लक्ष्य - बुवाई

ज्वार -36000 - 13265
बाजरा- 150000- 64040

मूंग -400000 -108676
मोठ - 40000 -1642

चवला -3000 - 161
मूंगफली 13000 20500

तिल - 8000 -100
कपास- 52000 -48200

ग्वार -50000 - 35040
अन्य - 2000 -905

कुचामन कलस्टर
ज्वार - 2000- 415

बाजरा -1550000- 115376
मूंग -200000- 84527

मोठ - 40000 - 3087
चवला -4000- 688

मूंगफली - 12000 - 11109
तिल - 2000 - 600

कपास- 3000 - 2093
ग्वार -35000- 23568

अन्य - 3000- 1218
बारिश ने बिगाड़ा फसल लक्ष्य का औसत

मेड़ता कलस्टर में मोठ, चवला एवं तिल की बुवाई की स्थिति शून्य रही, जबकि कुचामन कलस्टर में बुवाई का औसत पूरी तरह से नगण्य किसी भी उपज में नहीं रहा। इसकी वजह भी प्रभावित क्षेत्रों में बारिश नहीं होना बताया जा रहा है। फिर भी ज्वार, मूंग आदि में कुचामन कलस्टर में भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं रही। ज्वार, बाजरा, मूंग, मोठ, चवला, मूंगफली, तिल,कपास आदि की बुवाई के बारे में विभागीय अधिकारियों का भी कहना है कि बारिश होने पर इन फसलों का लक्ष्य भी मिल जाएगा।
इनका कहना है...

फसल बुवाई तो कई उपजों में बेहतर रही है, लेकिन बारिश नहीं होने की वजह से स्थिति विकट हुई है। किसान भी इसी को लेकर चिंतित हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बारिश होने पर बुवाई का औसत बेहतर हो जाएगा।
शंकराराम बेड़ा, उपनिदेशक कृषि विस्तार, नागौर।

Ravindra Mishra
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