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राजस्थान, मध्यप्रदेश व दिल्ली में पटवारी के काम की प्रकृति एक, लेकिन पात्रता की शर्तें अलग-अलग

राजस्थान, मध्यप्रदेश व दिल्ली में पटवारी भर्ती के लिए भिन्न भिन्न है दिव्यांगता की पात्रता, राजस्थान में एक पैर वाले दिव्यांग को माना पात्र, जबकि एक हाथ व अन्य दिव्यांगता वाले को नहीं, मध्यप्रदेश में केवल दृष्टिबाधित की दिव्यांगता को छोडकऱ सभी श्रेणी के दिव्यांगों को मानते हैं पात्र

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Patwari exam 2024

नागौर. प्रदेश में पटवारी पद की भर्ती में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए जो पात्रताएं निर्धारित की गई हैं, वे हास्यास्पद हैं। इसी प्रकार राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में पटवारी के कार्य की प्रकृति समान है, लेकिन दिव्यांगता की पात्रताएं अलग-अलग हैं। राजस्थान में पटवारी भर्ती के लिए केवल एक पैर वाले को पात्र माना गया है, जबकि पड़ौसी राज्य मध्यप्रदेश में केवल दृष्टिबाधित की दिव्यांगता वाले अभ्यर्थी को छोडकऱ शेष सभी को पात्र माना है, जो ठीक भी है, लेकिन राजस्थान में एक पैर वाले को अभ्यर्थी मानना और एक हाथ, एक आंख सहित अन्य दिव्यांगता वाले को भी पात्र नहीं मानना समझ से परे है। दिल्ली में अस्थि विकलांग (एक हाथ) एवं वीएच दृष्टिबाधित (कम दृष्टि) वाले अभ्यर्थियों को पात्र माना जाता है। इस प्रकार तीनों राज्यों में पटवारी पद के कार्यों की प्रकृति में अंतर नहीं होते हुए भी दिव्यांगता श्रेणी के लिए उपयुक्तता निर्धारण में भिन्नता हास्यास्पद है।

जिम्मेदारों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न

राजस्थान राज्य में एक पैर (ओएल) वाला दिव्यांग तो पटवारी पद पर भर्ती के लिए उपयुक्त है, लेकिन अन्य दिव्यांगता वाला उपयुक्त नहीं। यह नियम पटवारी पद की पात्रता के लिए दिव्यांगता की प्रकृति निर्धारण करने वालों की कार्यशैली पर प्रश्नह्निखड़ा करता है। दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि एक पैर वाला व्यक्ति पटवारी पद के कार्य करने में सक्षम है, तो एक हाथ वाला/अन्यदिव्यांगता वाला व्यक्ति क्यों नहीं?

आगामी भर्ती के नियमों में हो सुधार

प्रदेश में आगामी दिनों में होने वाली पटवारी भर्ती को लेकर दिव्यांग अभ्यर्थियों ने आवाज उठाना शुरू किया है। उनका कहना है कि राजस्थान में भी मध्यप्रदेश की तरह केवल दृष्टिबाधित को छोडकऱ शेष सभी दिव्यांग अभ्यर्थियों को पात्र मानते हुए दिव्यांगता का आरक्षण देना चाहिए। गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग में पटवार सीधी भर्ती परीक्षा-2019 के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर की विज्ञप्ति में पटवारी पद पर केवल एक पैर (ओएल)दिव्यांगता वाले अभ्यर्थी को उपयुक्त माना गया था। दिव्यांग अभ्यर्थी दिनेश, महेन्द्र, रमेश आदि का कहना है कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाले पटवारी भर्ती में मध्यप्रदेश व दिल्ली राज्य की तरह अंधता की दिव्यांगता को छोडकऱ बाकी सभी श्रेणी के दिव्यांगता वालों को पटवारी पद के लिए पात्र माना जाकर भर्ती में शामिल किया जाए।

सभी दिव्यांगों को मिले लाभ

पटवारी भर्ती में राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में दिव्यांगता पात्रता अलग-अलग है, जबकि काम की प्रकृति सब जगह समान है। राजस्थान में एक पैर वाले को पात्र माना है, जबकि एक हाथ, एक आंख सहित अन्य दिव्यांगों को पात्र नहीं माना है, जबकि एक पैर वाले को खेतों में नाप-चौक करने में ज्यादा परेशानी होती है। सरकार को पटवारी भर्ती के नियमों का परीक्षण करवाकर दिव्यांगों से जुड़ी शर्तों में सुधार करना चाहिए।

- बुधाराम जाजड़ा, जिलाध्यक्ष, राजस्थान पटवार संघ, नागौर